महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज: सीएम धामी का विपक्ष पर हमला, बोले—‘नारी शक्ति का अपमान’

देहरादून। महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि जिस प्रकार विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया, वह पूरे देश की नारी शक्ति का अपमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देश की महिलाओं को यह विश्वास दिलाती है कि उनके अधिकारों को हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं, ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके।

सीएम धामी ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में जब यह विधेयक पारित नहीं हो सका, तब कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने जिस तरह जश्न मनाया, उससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो उन्होंने मातृशक्ति को पराजित कर दिया हो। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि मातृशक्ति कभी हारती नहीं है और वह हर परिस्थिति में समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करती है।

उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में हुई चर्चा केवल कुछ विधेयकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह देश की आधी आबादी को नीति-निर्माण में समान भागीदारी देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। बावजूद इसके कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों ने इस ऐतिहासिक अवसर का भी विरोध किया। मुख्यमंत्री के अनुसार विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी और देशहित से ऊपर दलगत सोच को रखा।

प्रदेश के संदर्भ में बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण से लेकर यहां के पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन में मातृशक्ति का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाता, तो महिलाओं को राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त किया जा सकता था तथा नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी और मजबूत होती। ऐसे समय में इस अधिकार को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करना है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के महिला अधिकारों से जुड़े रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने हमेशा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय निर्णयों और विधेयकों का विरोध किया है। वहीं समाजवादी पार्टी द्वारा धर्म आधारित आरक्षण की मांग को उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया और कहा कि यह संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।

परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा जताई गई आशंकाओं पर भी सीएम धामी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ये आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और केवल भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम धामी ने अंत में दोहराया कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं और भविष्य में भी उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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