उत्तराखंड में मौसम का कहर जारी: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी-हिमस्खलन का अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद

उत्तराखंड में ठंड ने फिर बढ़ाई मुश्किलें, बुधवार को भी बिगड़ा रहेगा मौसम

उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से जारी मौसम की खराबी के चलते प्रदेशभर में कड़ाके की ठंड लौट आई है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम बिगड़ा रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए बर्फबारी और हिमस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

ऊंचाई वाले जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट मोड पर

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संभावित बर्फबारी और हिमस्खलन को देखते हुए संबंधित जिलों को सतर्क किया है।
रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (डीजीआरई) द्वारा जारी पूर्वानुमान (मंगलवार शाम 5 बजे से बुधवार शाम 5 बजे तक) के अनुसार, प्रदेश के कई उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका बनी हुई है।

डीजीआरई की चेतावनी के मुताबिक—

  • उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है। इन क्षेत्रों में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी और अस्थिर बर्फ जमा है, जिससे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना अधिक बनी रहती है। ऐसे हिमस्खलन मध्यम आकार के होकर घाटी तल तक पहुंच सकते हैं।

  • पिथौरागढ़ जिले को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है, जहां कुछ मार्गों पर अस्थिर बर्फ पाई गई है और सीमित क्षेत्रों में छोटे हिमस्खलन की आशंका है।

  • बागेश्वर जिले को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है, जहां स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर है, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय अस्थिरता से इनकार नहीं किया गया है।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को सतत निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

बर्फबारी के चलते स्कूलों में एक दिन की छुट्टी

बर्फबारी और खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

चारधाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में फिर बर्फ की चादर

मंगलवार को प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली। चमोली जिले के बदरीनाथ धाम, जोशीमठ और औली में जमकर बर्फबारी हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई।
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम, तुंगनाथ और मद्महेश्वर घाटी सहित सभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि निचले इलाकों में लगातार बारिश से ठंड और बढ़ गई।

उत्तरकाशी जिले में मंगलवार दोपहर बाद गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर बीते दिनों की बर्फबारी से बिजली और पानी की आपूर्ति अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है, ऐसे में नई बर्फबारी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

नीति घाटी के कोषा और गमशाली गांवों में बर्फीले तूफान के कारण कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं। वहीं नई टिहरी में दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई, हालांकि लोगों को शाम तक बर्फबारी की उम्मीद थी, लेकिन हल्की बारिश ही दर्ज की गई।

मैदानी इलाकों में बारिश, पहाड़ों में कड़ाके की ठंड

पर्यटन नगरी धनोल्टी, सुरकंडा देवी मंदिर क्षेत्र सहित ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही, जबकि मसूरी में तेज हवाओं के साथ बारिश ने ठंड का असर और बढ़ा दिया।

बुधवार को भी राहत के आसार नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी प्रदेशभर में मौसम खराब बना रहेगा। 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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