देहरादून में सुप्रिया श्रीनेत का केंद्र पर हमला, बोलीं—महिला आरक्षण के नाम पर लोकतंत्र से खिलवाड़ नहीं सहेंगे

देहरादून। राजधानी देहरादून में कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश के लोकतंत्र, संघीय ढांचे और संविधान से खिलवाड़ कर रही है।

सुप्रिया श्रीनेत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण की पूरी तरह समर्थक है, लेकिन महिलाओं के नाम पर देश को बांटने की किसी भी साजिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जानबूझकर परिसीमन और पुरानी जनगणना से जोड़ दिया गया है, जिससे इसके लागू होने में अनावश्यक देरी हो रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कदम महिला सशक्तीकरण के लिए नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक नक्शे को बदलने और संविधान पर हमला करने की कोशिश है। श्रीनेत ने कहा कि जब महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात आती है, तब सरकार पूरी तरह विफल साबित होती है। उन्होंने उन्नाव, हाथरस और अंकिता भंडारी जैसे मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकार का असली एजेंडा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ हासिल करना है। उन्होंने मांग की कि बिना जातिगत जनगणना के न्यायसंगत आरक्षण संभव नहीं है और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक तक नहीं बुलाई गई, जिससे सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मणिपुर की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महिलाएं लंबे समय से सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, जो सरकार के महिला सशक्तीकरण के दावों पर सवाल खड़ा करता है।


33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग

इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी महिला आरक्षण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रस्ताव लाते हैं, तो कांग्रेस पार्टी पूर्ण सहयोग देगी।

गोदियाल ने सुझाव दिया कि प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि यदि परिसीमन के बाद उनकी सीट महिला के लिए आरक्षित होती है, तो वह अपनी सीट महिला प्रत्याशी के लिए छोड़ने को तैयार हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को राजनीति में आगे लाना कांग्रेस की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है।

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