कोटद्वार के बरस्वार गांव में गुलदार का आतंक: माता-पिता के सामने आंगन से उठाकर ले गया डेढ़ साल की बच्ची, शव झाड़ियों में मिला

कोटद्वार (उत्तराखंड)।
कोटद्वार क्षेत्र में गुलदार के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। विकासखंड जयहरीखाल की ग्राम पंचायत बरस्वार में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां गुलदार घर के आंगन से ही माता-पिता के सामने डेढ़ साल की बच्ची को उठाकर ले गया। करीब डेढ़ घंटे बाद बच्ची का शव घर से लगभग 20 मीटर दूर झाड़ियों में बरामद हुआ। इस घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरस्वार निवासी और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र लाल की पोती याशिका (पुत्री जितेंद्र) शनिवार शाम करीब 6:30 बजे अपने माता-पिता के साथ घर के आंगन में मौजूद थी। इसी दौरान अचानक जंगल की ओर से आए गुलदार ने झपट्टा मारा और बच्ची को उसके पिता जितेंद्र व मां प्रियंका की आंखों के सामने उठाकर जंगल की ओर भाग गया। अचानक हुई इस घटना से माता-पिता कुछ समझ पाते, उससे पहले ही गुलदार बच्ची को लेकर ओझल हो गया।

घटना के बाद परिवार के लोगों ने शोर मचाया, जिस पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल जंगल और आसपास के क्षेत्र में बच्ची की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद रात करीब नौ बजे बच्ची का शव घर से कुछ ही दूरी पर झाड़ियों में बुरी हालत में मिला। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया।

बताया जा रहा है कि यह घटना लैंसडौन वन विभाग के अंतर्गत पालकोट जंगल क्षेत्र की है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में काफी समय से गुलदार की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आज यह दर्दनाक हादसा हुआ।

घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों ने क्षेत्र में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाने, पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।

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