एलन मस्क की कंपनी एक्स पर भारत सरकार की सख्ती, अश्लील और गैरकानूनी कंटेंट हटाने के निर्देश

नई दिल्ली।
अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अश्लील, आपत्तिजनक और गैरकानूनी सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए हैं। खास तौर पर एक्स के एआई टूल ‘ग्रोक’ (Grok AI) के जरिए तैयार किए जा रहे कंटेंट को लेकर सरकार ने गंभीर चिंता जताई है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में एक्स को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 2 जनवरी को जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ग्रोक एआई का उपयोग कर तैयार किए गए सभी अश्लील और अवैध कंटेंट को तुरंत हटाया जाए।

दायित्वों के पालन में विफल रहा एक्स

सरकार ने एक्स पर लगे आरोपों का संज्ञान लेते हुए भारत में कंपनी के मुख्य अनुपालन अधिकारी (Chief Compliance Officer) को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि एक्स अपने वैधानिक दायित्वों का सही तरीके से पालन करने में विफल रहा है। मंत्रालय का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट की मौजूदगी भारतीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है।

आईटी कानून और नियमों के उल्लंघन पर नाराजगी

सरकार ने एक्स पर सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता) नियम, 2021 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत में काम करने के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

ग्रोक एआई का खुलेआम दुरुपयोग

जब एलन मस्क ने ग्रोक एआई को लॉन्च किया था, तब उन्होंने दावा किया था कि यह अन्य एआई टूल्स की तुलना में कम पाबंदियों वाला होगा। लेकिन अब यही स्वतंत्रता विवाद का कारण बन गई है। आरोप है कि कुछ यूजर्स ग्रोक एआई का इस्तेमाल कर महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ (मॉर्फिंग) कर रहे हैं और आपत्तिजनक सामग्री बना रहे हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए गंभीर खतरा है।

विवादों से पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब एक्स और ग्रोक एआई विवादों में घिरे हों। इससे पहले भी खबरें आई थीं कि ग्रोक को ट्रेनिंग देने वाले कर्मचारियों को बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) देखने के लिए मजबूर किया गया था। इसके अलावा ग्रोक के कंपैनियन मोड को भी उसके आपत्तिजनक व्यवहार और बनावट को लेकर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

सरकार का सख्त संदेश

भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि एक्स ने समय रहते नियमों का पालन नहीं किया, तो कंपनी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला आने वाले समय में सोशल मीडिया और एआई प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा नजीर साबित हो सकता है।

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