हार्ट अटैक के मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। अब करीब 40 हजार रुपये कीमत वाला जीवन रक्षक इंजेक्शन मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) पर ही मुफ्त लगाया जाएगा। इससे समय पर इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को इसी सप्ताह पहली किस्त में 36 जीवन रक्षक इंजेक्शन प्राप्त हो रहे हैं। इन इंजेक्शनों को जिले के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो-दो की संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत अगले सप्ताह से हार्ट अटैक के मरीजों को यह इंजेक्शन लगाया जाना शुरू हो जाएगा।
जांच के बाद तुरंत मिलेगा इंजेक्शन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सभी 18 सीएससी पर ईसीजी मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं और वहां के स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दे दिया गया है।
यदि किसी सीएससी पर हार्ट अटैक का मरीज पहुंचता है तो सबसे पहले उसकी ईसीजी जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट को व्हाट्सएप के माध्यम से एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ को भेजा जाएगा। विशेषज्ञ की पुष्टि के बाद मरीज को वहीं जीवन रक्षक इंजेक्शन लगा दिया जाएगा।
इंजेक्शन के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर
इंजेक्शन लगने के बाद मरीज की स्थिति में सुधार आने की संभावना रहती है। इसके तुरंत बाद मरीज को 102 या 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग में रेफर कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से मरीज की जान जाने का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।
इलाज के लिए मिलेगा कीमती समय
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि इस इंजेक्शन के लगने से हार्ट अटैक के मरीज के इलाज के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर मरीज की जरूरी जांच और उपचार तुरंत शुरू किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा 2 से 3 गुना तक बढ़ जाता है, जबकि इमरजेंसी में रोजाना 15 से 20 हार्ट अटैक के मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में यह इंजेक्शन मरीजों की जान बचाने में बेहद कारगर साबित होगा और मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
स्वास्थ्य विभाग की यह पहल ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।



