दून में संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: ISI मॉड्यूल से जुड़ा विक्रांत कश्यप, देशभर में फैले नेटवर्क का बड़ा खुलासा

देहरादून: राजधानी दून के झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप के मामले में जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विक्रांत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक नए आतंकी मॉड्यूल का सक्रिय सदस्य था, जो देश के विभिन्न हिस्सों में संगठित तरीके से काम कर रहा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल बेहद सुनियोजित ढंग से तैयार किया गया था। नेटवर्क के हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं ताकि किसी एक की गिरफ्तारी के बावजूद पूरे नेटवर्क का खुलासा न हो सके। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सदस्यों को संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी (निगरानी) का काम दिया गया था, जबकि अन्य को लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे ठिकाने, संसाधन और आवाजाही की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसके अलावा, मॉड्यूल के कुछ सदस्य सोलर वाई-फाई कैमरे लगाने का काम कर रहे थे, जिससे बिना संदेह उत्पन्न किए लगातार निगरानी की जा सके। इन कैमरों के जरिए महत्वपूर्ण स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी और डेटा को दूरस्थ तरीके से एक्सेस किया जा सकता था।

देशभर में फैला नेटवर्क, 32 संदिग्ध पहले ही गिरफ्तार
विक्रांत की गिरफ्तारी से पहले ही इस मॉड्यूल से जुड़े करीब 32 संदिग्धों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को एक बड़ी साजिश का हिस्सा मान रही हैं।

केंद्रीय एजेंसियां और एसटीएफ अब इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों, उनके फंडिंग सोर्स और संभावित टारगेट्स की गहन जांच में जुटी हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार विदेशों में किन-किन जगहों से जुड़े हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में था आरोपी
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, विक्रांत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस नेटवर्क के संपर्क में आया था। उसके पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

पाकिस्तानी आकाओं से संपर्क, संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि विक्रांत कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘अल बर्क ब्रिगेड’ के आतंकी शहजाद भट्टी और आईएसआई हैंडलर्स के संपर्क में था। उस पर आरोप है कि उसने देहरादून स्थित महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजी।

हथियार बरामद, हमले की साजिश का खुलासा
एसटीएफ ने विक्रांत के पास से एक पिस्टल, सात कारतूस और एक स्प्रे-पेंट कैन बरामद की है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह ग्रेनेड हमले की योजना बना रहा था। उसने कुछ स्थानों पर ‘टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान)’ लिखकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश भी की थी।

राजद्रोह का मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी
विक्रांत के खिलाफ राजद्रोह समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और उसके जरिए पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़े खतरे को टाल दिया गया है, हालांकि मामले में अभी और बड़े खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।

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