देहरादून। प्रयागराज माघ मेले के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कथित अपमान के विरोध में उत्तराखंड में विरोध तेज हो गया है। इस मामले को लेकर चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत समेत विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाते हुए 31 जनवरी को देहरादून में विरोध रैली निकालने का निर्णय लिया है। यह रैली गांधी पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाली जाएगी, जिसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
शुक्रवार को आयोजित बैठक में चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत और अन्य संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने शंकराचार्य के अपमान की तीखी निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि यह घटना न केवल एक संत विशेष का अपमान है, बल्कि सनातन संस्कृति और उसकी परंपराओं पर आघात है। बैठक में एक स्वर में मांग की गई कि इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
चारधाम महापंचायत के मीडिया प्रभारी रजनीकांत सेमवाल ने बताया कि प्रयागराज की घटना से सनातन संस्कृति से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में 31 जनवरी को देहरादून में शांतिपूर्ण रैली निकालकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि धार्मिक सम्मान और परंपराओं की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
इस विरोध रैली को गौ क्रांति मंच, गौ सांसद, परशुराम अखाड़ा हरिद्वार, मूल निवास भू-कानून समिति, युवा आह्वान, पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति, पहाड़ स्वाभिमान और देवभूमि युवा संगठन समेत कई संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
बैठक में उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती, गौ क्रांति मंच एवं गौ सांसद अनुसूया प्रसाद उनियाल, वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप चमोली, केदार सभा एवं महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी, मूल निवास भू-कानून समिति के संयोजक लूसुन तोड़रिया, युवा आह्वान के संस्थापक रोहित ध्यानी, पौड़ी बचाओ अभियान के नमन चंदोला, आशीष नौटियाल, महापंचायत के प्रवक्ता प्रशांत डिमरी और युवा स्वाभिमान सेना के पंकज उनियाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



