देहरादून:
शहर में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारियों को परखने के लिए आज (शुक्रवार) रात ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर आपातकालीन स्थिति का अभ्यास किया जाएगा, जिससे किसी भी वास्तविक आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन के अनुसार, इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है। यह अभ्यास भारत सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
शुक्रवार रात 10 बजे से शहर के कई प्रमुख इलाकों में लगभग 30 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा। इस दौरान आईएसबीटी, रायपुर, घंटाघर और आराघर क्षेत्रों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। ब्लैकआउट के तहत स्ट्रीट लाइट, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की रोशनी अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी।
मॉकड्रिल शुरू होने से पहले संबंधित क्षेत्रों में आपातकालीन सायरन बजाए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों को संकेत मिल सके और वे इस अभ्यास के प्रति सतर्क रहें। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि इस मॉकड्रिल में सहयोग करें।
इससे पूर्व गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास के जरिए आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के समुचित उपयोग और बेहतर समन्वय की क्षमता को मजबूत किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की मॉकड्रिल से न केवल तंत्र की कमियों की पहचान होती है, बल्कि भविष्य में आपात स्थितियों से निपटने के लिए रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।




