चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: बीएलओ का मानदेय दोगुना, पर्यवेक्षकों और ERO-AERO को भी मिलेगा भत्ता
चुनाव आयोग ने बूथ स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए उनके मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है। आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) का वार्षिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है।
साथ ही BLO सुपरवाइजर का मानदेय भी 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि पिछले 8 साल में पहली बार की गई है, क्योंकि पिछली बार यह 2015 में संशोधित किया गया था।
निर्वाचन प्रक्रिया में BLO और पर्यवेक्षकों की अहम भूमिका
चुनाव आयोग ने कहा है कि शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। BLO, BLO सुपरवाइजर, AERO और ERO मतदाता सूची की तैयारी में निरंतर मेहनत करते हैं और निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस वजह से आयोग ने फील्ड स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय और भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया है।
पहली बार ERO और AERO को मिलेगा वार्षिक मानदेय
अब तक AERO (सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) और ERO (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) को कोई अलग मानदेय नहीं मिलता था। पहली बार आयोग ने इनके लिए वार्षिक सम्मान राशि तय की है—
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AERO: 25,000 रुपये प्रतिवर्ष
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ERO: 30,000 रुपये प्रतिवर्ष
इस निर्णय से इन पदधारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।
बीहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए प्रोत्साहन राशि
बिहार से प्राप्त विशेष अनुरोध के आधार पर आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगे BLO को 6,000 रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने को मंजूरी दी है। यह कदम फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की मेहनत और अतिरिक्त जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
संशोधित मानदेय सूची
| क्रम संख्या | पदनाम | 2015 से प्रचलित मानदेय | अब संशोधित मानदेय |
|---|---|---|---|
| 1 | बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) | 6,000 रुपये | 12,000 रुपये |
| 2 | बीएलओ प्रोत्साहन राशि (सूची संशोधन हेतु) | 1,000 रुपये | 2,000 रुपये |
| 3 | बीएलओ सुपरवाइजर | 12,000 रुपये | 18,000 रुपये |
| 4 | AERO | शून्य | 25,000 रुपये |
| 5 | ERO | शून्य | 30,000 रुपये |
चुनाव आयोग का यह फैसला फील्ड कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत और प्रोत्साहन का बड़ा कदम है, जिससे मतदाता सूची की सटीकता और चुनाव प्रक्रिया की गुणवत्ता और अधिक मजबूत होगी।



