नई दिल्ली: ईरान में राजनीतिक और सामाजिक हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सभी भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करने की सलाह दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी आंदोलन ने गंभीर रूप ले लिया है।
विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्ति) को अत्यधिक सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नागरिकों को विरोध प्रदर्शन या किसी भी अशांत क्षेत्र से दूर रहना चाहिए, अपनी आवाजाही सीमित करनी चाहिए और स्थानीय हालात पर करीबी नजर बनाए रखनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक नियमित रूप से तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी सूचनाओं की जानकारी लेते रहें। साथ ही, ईरान में रेजिडेंट वीज़ा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को तुरंत भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक दमन के खिलाफ सड़कों पर लाखों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और सरकार की सख्त कार्रवाई के कारण अमेरिका ने खामेनेई को चेतावनी दी है। इसी बीच, इस्राइल की ओर से भी ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध की संकेत मिल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की ट्रैवल एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए। इसके अलावा, ईरान में मौजूद नागरिकों को विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों में जाने से बचने और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की हिदायत दी गई है।
गौरतलब है कि ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश राजधानी तेहरान, मशहद और बंदर अब्बास में बसे हुए हैं।



