हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा में विसर्जित की गईं। इस दौरान वीआईपी घाट पर बेहद भावुक माहौल देखने को मिला। अस्थि विसर्जन के बीच सबसे मार्मिक पल तब आया, जब प्रतीक यादव की मासूम बेटी ने अपने पिता के लिए प्यार भरा संदेश लिखकर गंगा में प्रवाहित किया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
अस्थि विसर्जन के दौरान प्रतीक यादव की बेटी के हाथ में एक छोटा-सा कार्ड था, जिस पर अंग्रेजी में ‘आई लव यू पापा’ लिखा हुआ था और साथ में दिल का निशान बना था। जैसे ही बच्ची ने वह कार्ड अपने पिता की अस्थियों के साथ गंगा की धारा में बहाया, घाट पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। मां अपर्णा यादव ने बेटी को अपने पास बुलाकर गले से लगा लिया। पिता के लिए बेटी का यह अंतिम संदेश हर किसी को भावुक कर गया।
वीआईपी घाट पर हुए अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में परिवार के सदस्य बेहद गमगीन नजर आए। पत्नी अपर्णा यादव फूट-फूटकर रोती दिखाई दीं और नम आंखों से धार्मिक रस्में निभाईं। इस दौरान बेटी ने अस्थि कलश को माथे से लगाया। परिवार के साथ अपर्णा यादव के पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन भी हरिद्वार पहुंचे थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए घाट पर पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रतीक यादव की अस्थियां लेकर परिवार शनिवार सुबह हरिद्वार पहुंचा। पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मां गंगा में अस्थियां प्रवाहित की गईं। इस मौके पर पत्नी अपर्णा यादव, बेटियां प्रथमा और पद्मजा के अलावा शिवपाल यादव के सांसद बेटे आदित्य यादव भी मौजूद रहे।
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यादव परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा दुखद क्षण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। कई वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रतीक यादव दिवंगत मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे। उनकी शादी अपर्णा यादव से हुई थी। हालांकि वह सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन यादव परिवार के सदस्य होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उनकी पहचान काफी प्रभावशाली थी। उनके बड़े भाई अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
बताया गया कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार तड़के निधन हो गया था। वह लखनऊ स्थित विक्रमादित्य मार्ग आवास के किचन में सुबह करीब चार बजे अचेत अवस्था में मिले थे। इसके बाद घर के कर्मचारियों ने तुरंत सिविल अस्पताल को सूचना दी। डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बाद में अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें हायपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप और खून का थक्का बनने की समस्या थी। उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था। 29 अप्रैल को सांस लेने में दिक्कत होने पर वह अंतिम बार अस्पताल पहुंचे थे।



