देहरादून में फिर खुला टाइगर फॉल, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल; पिछले साल पेड़ गिरने से गई थी दो लोगों की जान

देहरादून जिले के चकराता स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर फॉल को एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते वर्ष इसी झरने पर हुए दर्दनाक हादसे में एक महिला पर्यटक समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद असुरक्षित पेड़ों का कटान पूरा किए बिना ही पर्यटकों को यहां स्नान की अनुमति दिए जाने पर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष मई 2025 में टाइगर फॉल में बड़ा हादसा हुआ था। झरने के ऊपर से अचानक एक विशाल पेड़ नीचे गिर गया था, जिसकी चपेट में आकर दिल्ली से आई एक महिला पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर झरने में स्नान गतिविधियों पर रोक लगा दी थी और पर्यटकों को केवल झरना देखने व फोटो खींचने की अनुमति दी गई थी।

हादसे के बाद दो जून 2025 को तहसील प्रशासन, पर्यटन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने टाइगर फॉल क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान झरने के ऊपरी हिस्से में 17 पेड़ असुरक्षित पाए गए थे, जिनके गिरने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद वन विभाग ने वन निगम को पेड़ों के कटान के लिए पत्र भेजा था।

हालांकि, एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक सभी असुरक्षित पेड़ों का कटान नहीं हो पाया है। वन विभाग की ओर से फिलहाल केवल पांच पेड़ों के कटान की अनापत्ति दी गई है, जबकि संयुक्त निरीक्षण में 17 पेड़ों को खतरनाक माना गया था। ऐसे में बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए झरने को खोलने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।

इधर, क्षेत्रीय विकास निगरानी समिति के पदाधिकारी और स्थानीय व्यापारी लंबे समय से प्रशासन से टाइगर फॉल को दोबारा खोलने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि झरने में स्नान पर प्रतिबंध लगने के बाद स्थानीय कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया था और पर्यटन गतिविधियां ठप पड़ गई थीं। इसी के चलते प्रशासन स्तर पर सुरक्षा कार्यों के बाद झरने को खोलने पर विचार किया जा रहा था।

मौजूदा पर्यटन सीजन में अचानक बड़ी संख्या में पर्यटक टाइगर फॉल पहुंचने लगे हैं और झरने में स्नान भी कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से चकराता क्षेत्र में मौसम लगातार खराब बना हुआ है। रुक-रुक कर बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। ऐसे मौसम में झरने का जलस्तर अचानक बढ़ने और हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस मामले में डीएफओ चकराता वैभव कुमार ने बताया कि वन निगम को असुरक्षित पेड़ों के कटान के लिए अनापत्ति दे दी गई है। पेड़ों का कटान निगम की ओर से किया जाना है। वहीं, डीएलएम चकराता ऊषा पुरी ने कहा कि विभाग का पत्र हाल ही में प्राप्त हुआ है और पांच पेड़ों के कटान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

दूसरी ओर, एसडीएम चकराता प्रेमलाल ने कहा कि उन्हें टाइगर फॉल को पर्यटकों के लिए खोले जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के लिए गठित समिति में वे शामिल नहीं थे और संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली जाएगी।

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