उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर ही केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 12.60 लाख के पार पहुंच गई है। बुधवार को अकेले एक दिन में करीब 80 हजार श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए, जिससे यात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। यात्रा के शुरुआती 22 दिनों में ही 5.23 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके थे, जबकि अब यह आंकड़ा 12.60 लाख के पार पहुंच गया है।
केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
चारधामों में सबसे अधिक उत्साह केदारनाथ यात्रा को लेकर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम में हुए पुनर्निर्माण कार्यों के बाद धाम का स्वरूप पहले से अधिक दिव्य और भव्य नजर आ रहा है। यही कारण है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सरकार द्वारा पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बन सकी है।
मौसम पर सरकार की पैनी नजर
चारधाम यात्रा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में संचालित होती है, ऐसे में मौसम की चुनौती हमेशा बनी रहती है। प्रदेश सरकार लगातार मौसम के मिजाज पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
भीड़ नियंत्रण और डिजिटल मॉनिटरिंग से यात्रा हुई आसान
श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए प्रशासन ने स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया है। यात्रा की निगरानी के लिए रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे धामों और यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकार ने मौसम की निगरानी के लिए विशेष तंत्र भी तैयार किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सके। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।



