देहरादून। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से कल राज्यभर में एक व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर एक परीक्षण (टेस्ट) अलर्ट संदेश भेजा जाएगा। आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास है, इसलिए किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
दरअसल, राज्य में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से यह परीक्षण किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का आकलन करना है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समय पर और अधिकतम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, यह परीक्षण विभिन्न मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि अलर्ट संदेशों का प्रसारण कितनी प्रभावशीलता से हो रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से राज्य में पूर्व चेतावनी प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इस मॉकड्रिल के माध्यम से न केवल तकनीकी प्रणाली की दक्षता परखी जाएगी, बल्कि विभिन्न परिस्थितियों में संदेशों की सटीकता और विश्वसनीयता का भी परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल पर आने वाले इस टेस्ट अलर्ट को लेकर भ्रमित न हों और इसे एक जरूरी अभ्यास के रूप में लें, जिससे भविष्य में किसी भी आपदा के समय बेहतर और त्वरित सूचना उपलब्ध कराई जा सके।



