रुद्रपुर: शहर में एक दर्दनाक हादसे ने श्रमिक सुरक्षा और कंपनी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी में ‘नो एंट्री’ के चलते रेलवे ट्रैक पार कर रहे एक मजदूर की ट्रेन की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और सहकर्मियों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा किया और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार, इंदिरा कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय सुरेश प्रसाद, पुत्र बाजीलाल, सिडकुल स्थित एक कंपनी में कार्यरत थे। सोमवार सुबह जब वह काम पर जा रहे थे, तो सिंह कॉलोनी के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय काठगोदाम से दिल्ली जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनका सिर ट्रेन से टकराया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद लोको पायलट ने तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाते हुए रेलवे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी रुद्रपुर सिटी स्टेशन से उपनिरीक्षक संतोष सिंह मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं आदर्श कॉलोनी चौकी पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों का आरोप: कंपनी की लापरवाही से गई जान
घटना के बाद परिजनों और सहकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस पर प्रदर्शन करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। समाजसेवी सुशील गावा ने आरोप लगाया कि सुरेश पिछले 18 वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे, लेकिन हादसे के बाद भी कंपनी प्रबंधन का रवैया बेहद संवेदनहीन रहा।
उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे और भाई भी उसी कंपनी में कार्यरत हैं। पुलिस द्वारा दोपहर 12 बजे ही कंपनी को सूचना दे दी गई थी, इसके बावजूद प्रबंधन ने मृतक के बेटे से दोपहर 2 बजे तक काम करवाया, ताकि कंपनी का काम प्रभावित न हो।
बीमारी के बावजूद बुलाया गया काम पर
मृतक के बेटे इंद्रजीत ने बताया कि उनके पिता पिछले पांच दिनों से बीमार थे और घर पर ही आराम कर रहे थे। सोमवार सुबह कंपनी प्रबंधक के कहने पर वह काम पर निकले, लेकिन कंपनी गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने उन्हें सुबह 9 बजे आने को कहकर अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद जब वह दोबारा घर से निकले, तो रास्ते में यह हादसा हो गया।
चंदा रसीद से हुई पहचान
हादसे के बाद सुरेश प्रसाद की पहचान उनकी जेब से मिली बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के लिए दिए गए 200 रुपये के चंदे की रसीद से हुई। इसी आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त की।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सुरेश प्रसाद किस परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आए। इसके लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
एक महीने में तीसरी मौत
गौरतलब है कि पिछले एक महीने में रुद्रपुर में रेलवे ट्रैक पर हादसों में यह तीसरी मौत है। 15 मार्च को टेंपो स्टैंड के मुंशी 26 वर्षीय करन खेड़ा की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी। वहीं, तीन दिन पहले ओमेक्स के पास एक महिला का कटा हुआ शव मिला था, जो काम पर जाते समय ट्रेन की चपेट में आ गई थी।
मांगें न मानी गईं तो गेट पर शव रखकर प्रदर्शन की चेतावनी
समाजसेवी सुशील गावा ने चेतावनी दी है कि यदि मृतक के बेटे को स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो मंगलवार को कंपनी गेट पर शव रखकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
पुलिस का बयान
एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।



