Israel-Iran War: ईरान में फंसे उत्तराखंड के लोग, परिजनों से फोन पर साझा किए हालात
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। युद्ध जैसे हालात के बीच उत्तराखंड के कई लोग ईरान में फंस गए हैं, जिससे उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, फंसे लोगों ने फोन के माध्यम से अपने परिवारों से संपर्क कर वहां की स्थिति की जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत अंबाड़ी निवासी अली हैदर (24) और उनकी पत्नी नूरजहां (23) इस समय ईरान के कुम (Qom) शहर स्थित इस्लामिक विश्वविद्यालय में मौजूद हैं। दोनों पिछले चार वर्षों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से ईरान में रह रहे हैं।
युद्ध की खबरों के बाद परिवार के लोग लगातार चिंतित थे। इस बीच अली हैदर ने फोन पर अपने परिजनों से बात कर उन्हें सुरक्षित होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और लोग सतर्कता के साथ रह रहे हैं। हालांकि, तनावपूर्ण माहौल के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
परिजनों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है और वे भारत सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन से संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है।
उधर, ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह की मौत के बाद वहां शोक का माहौल है। इस घटना के चलते देशभर में शोक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सूचना है, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर विदेशों में रह रहे भारतीयों पर भी पड़ रहा है। उत्तराखंड के परिवार लगातार अपने परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं और हालात सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो वहां रह रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षित निकासी एक बड़ी चुनौती बन सकती है।



