देहरादून: फूलों, सुगंध और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच वसंतोत्सव-2026 का आगाज़
देहरादून स्थित लोक भवन परिसर में शुक्रवार को वसंतोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि बागवानी और पुष्प उत्पादन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। इससे प्रदेश में आय बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन परिसर में आयोजित वसंतोत्सव ने उत्सव जैसा विशेष वातावरण तैयार कर दिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध उत्तराखंड में फूलों और बागवानी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
अरोमा क्रांति से वैश्विक पहचान की संभावना
राज्यपाल ने ‘अरोमा क्रांति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा से तैयार सुगंधित उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी उनकी रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है।
उन्होंने सुझाव दिया कि शहद, अरोमा उत्पाद और मिलेट्स जैसे पारंपरिक उत्पादों को तकनीक व डिजिटलीकरण से जोड़ा जाए, जिससे नए बाजार और व्यापारिक अवसर विकसित किए जा सकें।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, प्रथम महिला गुरमीत कौर, सचिव रविनाथ रामन, सचिव कृषि एस.एन. पांडेय, अपर सचिव रीना जोशी और उद्यान निदेशक एस.एल. सेमवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विशेष डाक आवरण और डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन
वसंतोत्सव के अवसर पर राज्यपाल ने डाक विभाग द्वारा भोज पत्र विषय पर जारी विशेष डाक आवरण का विमोचन किया तथा डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम के पहले दिन राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान, देहरादून और निरामया योगम रिसर्च फाउंडेशन, हरिद्वार द्वारा रिदमिक योग की प्रस्तुति दी गई। वहीं वुशु एसोसिएशन के बच्चों ने मार्शल आर्ट के शानदार करतब दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
‘फ्लोरल हीलिंग’ थीम पर आधारित आयोजन
इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम “फ्लोरल हीलिंग : नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग” रखी गई है। उद्यान विभाग द्वारा फ्लोरल हीलिंग पर विशेष प्रदर्शन लगाए गए हैं। हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले ताजे फूलों से तैयार खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
राज्यपाल ने पुष्प प्रदर्शनी, पेंटिंग प्रतियोगिता और विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर प्रतिभागियों से जानकारी प्राप्त की।
फूलों की सजावट और संगीत ने बनाया उत्सवी माहौल
कार्यक्रम स्थल पर चारों ओर सजे रंग-बिरंगे फूल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रमों ने आयोजन में उत्सवी माहौल बना दिया। विभिन्न श्रेणियों में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें—
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पारंपरिक श्रेणी – 870 प्रतिभागी
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गैर पारंपरिक – 266
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महिला पुष्प उत्पादक – 26
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सब्जी उत्पादन – 60
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शहद श्रेणी – 103
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ऑन-स्पॉट फोटोग्राफी – 50
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पेंटिंग प्रतियोगिता – 738 प्रतिभागी
इसके अलावा बोनसाई, कैक्टस-सक्युलेंट, टेरारियम, हैंगिंग पॉट्स और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक श्रेणियां भी शामिल रहीं। कुल 15 श्रेणियों की 55 उपश्रेणियों में 2314 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार एक मार्च को प्रदान किए जाएंगे।
फूलों से बनी रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र
वसंतोत्सव में फूलों से तैयार रंगोलियां विशेष आकर्षण रहीं, जिनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित विभिन्न विषयों को दर्शाया गया। स्टॉलों और फोटोग्राफी प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को पहाड़ी संस्कृति, कृषि और प्राकृतिक विरासत से जुड़ी जानकारियां भी दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।



