उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: 1.10 लाख करोड़ का होगा बजट, महिला-बच्चों को बढ़ा पोषाहार और 10 शहरों में विश्व बैंक से जल परियोजना को मंजूरी

देहरादून। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तराखंड सरकार के बजट का आकार लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार बजट में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।

बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में बजट के आकार पर विस्तृत चर्चा हुई। कैबिनेट ने बजट में आवश्यक संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत करते हुए आगामी विधानसभा सत्र में इसे प्रस्तुत करने की मंजूरी दे दी।


महिला-बच्चों को मिलेगा बेहतर पोषाहार

कैबिनेट ने प्रदेश में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए पोषाहार में नई सामग्री शामिल करने का निर्णय लिया। सरकार का उद्देश्य कुपोषण दर को कम करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है।


सेब और शहद उत्पादन को बढ़ावा

प्रदेश में बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए सेब नर्सरी विकास योजना को मंजूरी दी गई है।

  • 10 एकड़ तक नर्सरी स्थापित करने पर 50% सब्सिडी

  • 10 एकड़ से अधिक पर 40% सब्सिडी

इसके अलावा, किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मौन पालन नीति को स्वीकृति दी गई है। इस नीति के तहत मौनपालन बॉक्स पर किसानों को 80% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।


हल्द्वानी में बनेगी जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ

जीएसटी से जुड़े कर विवादों के त्वरित निपटारे के लिए वर्तमान में देहरादून में जीएसटी अपीलीय अधिकरण संचालित है। अब इसी तर्ज पर हल्द्वानी में अतिरिक्त राज्य पीठ स्थापित की जाएगी।

इसके साथ ही दुष्कर्म और पोक्सो अधिनियम के लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु:

  • विकासनगर (देहरादून)

  • काशीपुर (ऊधमसिंहनगर)

  • नैनीताल जिला मुख्यालय

में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना और नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है।


10 शहरों को मिलेगा भरपूर पेयजल

राज्य में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए विश्व बैंक की सहायता से 1600 करोड़ रुपये की बाह्य सहायतित परियोजना को मंजूरी दी गई है।

  • 10 शहरों में नई पेयजल योजनाएं लागू होंगी

  • संचालन, रखरखाव और दक्षता बढ़ाने पर फोकस

  • राज्य सरकार का अंशदान: 320 करोड़ रुपये

इस महत्वाकांक्षी योजना से शहरी क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसले

कैबिनेट बैठक में कुल 28 प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड में 14 नए पद सृजित करने की मंजूरी।

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में शामिल करने का निर्णय।

  • स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना लागू — नाममात्र शुल्क पर ई-संसाधन उपलब्ध।

  • उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली को स्वीकृति।

  • 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंताओं की संविदा नियुक्ति।

  • विशेष शिक्षकों की नियमित नियुक्ति को मंजूरी।

  • उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति।

  • उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति को मंजूरी।

  • समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को सत्र में पटल पर रखा जाएगा।

  • कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में ढांचे के पुनर्गठन को स्वीकृति।

  • उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों के लिए 13 न्यायालय प्रबंधकों के पद सृजित होंगे।


विकास और सामाजिक सरोकारों पर फोकस

कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में विकास, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, न्यायिक सुधार और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने जा रही है। बजट में प्रस्तावित 10 प्रतिशत वृद्धि को राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत माना जा रहा है।

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