Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 9वें बजट की ‘कोर टीम’ तैयार, जानिए कौन हैं बजट के मुख्य शिल्पकार

बजट 2026-27: इन नौकरशाहों की टीम गढ़ रही है देश की आर्थिक दिशा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट (Budget 2026-27) पेश करने जा रही हैं। मोदी 3.0 सरकार के इस तीसरे पूर्ण बजट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है, जब भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 7.4 प्रतिशत की मजबूत विकास दर दर्ज कर रही है, वहीं वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और आर्थिक जोखिम भी बने हुए हैं।

बजट निर्माण की इस प्रक्रिया में वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की भी अहम भूमिका है। इनके अलावा, वित्त मंत्रालय के विभिन्न विभागों के अनुभवी नौकरशाहों की एक मजबूत ‘कोर टीम’ इस महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज को अंतिम रूप दे रही है। यह टीम राजकोषीय अनुशासन, राजस्व संग्रह और विकासोन्मुखी सुधारों के बीच संतुलन साधने की चुनौती पर काम कर रही है।


बजट 2026-27 को आकार देने वाले प्रमुख चेहरे

1. अनुराधा ठाकुर: बजट की मुख्य सूत्रधार

आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर को बजट 2026-27 की प्रमुख शिल्पकार माना जा रहा है। वे बजट प्रभाग का नेतृत्व करती हैं और संसाधनों के आवंटन के साथ-साथ पूरे मैक्रो-इकोनॉमिक फ्रेमवर्क को आकार देने की जिम्मेदारी संभालती हैं।
1994 बैच की हिमाचल प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी अनुराधा ठाकुर ने 1 जुलाई 2025 को विभाग की कमान संभाली थी। वह इस विभाग का नेतृत्व करने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं और बतौर सचिव यह उनका पहला बजट होगा।

2. अरविंद श्रीवास्तव: कर प्रस्तावों के सूत्रधार

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव बजट भाषण के भाग-बी (Part B) के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें सभी कर प्रस्ताव शामिल होते हैं। उनकी देखरेख में प्रत्यक्ष कर (आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स) और अप्रत्यक्ष कर (जीएसटी, सीमा शुल्क) से जुड़े निर्णय तैयार किए जा रहे हैं।
हालांकि राजस्व सचिव के रूप में यह उनका पहला बजट है, लेकिन वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बजट) और पीएमओ में कार्य का अनुभव उन्हें इस भूमिका में मजबूत बनाता है।

3. वुमलुनमंग वुलनाम: सरकारी खजाने के संरक्षक

व्यय सचिव वुमलुनमंग वुलनाम को ‘सरकारी खजाने का संरक्षक’ कहा जाता है। उनका प्रमुख दायित्व राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर नजर रखना है।

4. एम नागराजू: बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा की कमान

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू सरकार की वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां और पेंशन प्रणाली उनके विभाग के अधीन आती हैं।

5. अरुणिश चावला: विनिवेश और निजीकरण की रणनीति

डीआईपीएएम सचिव अरुणिश चावला सरकार के विनिवेश और निजीकरण रोडमैप के जिम्मेदार हैं। सीपीएसई में हिस्सेदारी बेचकर गैर-कर राजस्व जुटाना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है।

6. के. मूसा चालई: लोक उद्यमों की कैपेक्स निगरानी

लोक उद्यम विभाग के सचिव के मूसा चालई चयनित सीपीएसई की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) योजनाओं और एसेट मोनेटाइजेशन की निगरानी करते हैं।

7. मुख्य आर्थिक सलाहकार की भूमिका

इन सभी अधिकारियों के साथ मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन का कार्यालय बजट को व्यापक आर्थिक परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है। उनका कार्यालय विकास दर का आकलन, कृषि-उद्योग-सेवा क्षेत्रों का विश्लेषण और वैश्विक जोखिमों का मूल्यांकन कर वित्त मंत्री को नीति संबंधी सलाह देता है।


दोहरी चुनौती, एक दिशा

बजट 2026-27 के सामने विकास की गति बनाए रखने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने की दोहरी चुनौती होगी। नए नेतृत्व और अनुभवी नौकरशाहों के इस संतुलित संयोजन के साथ, यह कोर टीम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देश की आर्थिक नीति की दिशा तय करने में अहम सहयोग दे रही है।

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