राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार शाम उस वक्त सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया, जब नीति आयोग के दफ्तर में एक व्यक्ति ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय ( PMO ) से जुड़ा चालक बताते हुए जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। गणतंत्र दिवस से पहले पहले से ही हाई अलर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए उसे रोक लिया। इस दौरान व्यक्ति और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान संजीव कुमार के रूप में हुई है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि संजीव ने पानी लेने के बहाने नीति आयोग परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया था। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे मुख्य द्वार पर ही रोक लिया गया।
कर्तव्य पथ के पास होने के कारण सुरक्षा और सख्त
नीति आयोग का दफ्तर संसद मार्ग पर स्थित है और यह कर्तव्य पथ के बेहद नजदीक पड़ता है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड को लेकर पूरे इलाके में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कड़ी तैनाती है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
सुरक्षाकर्मियों ने संदेह होने पर संजीव कुमार से पहचान पत्र और नीति आयोग में प्रवेश से संबंधित अनुमति पत्र दिखाने को कहा। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर उससे पूछताछ की गई, इसी दौरान विवाद बढ़ गया।
हिरासत में लेकर हुई पूछताछ
बहस और धक्का-मुक्की की सूचना मिलते ही मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल पहुंचे और हालात को काबू में किया गया। इसके बाद व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पीएमओ से जुड़े होने के दावे की भी जांच की। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा नियमों के तहत उसे रोका गया था, क्योंकि वह अपनी मौजूदगी की ठोस वजह नहीं बता पाया।
जांच और सत्यापन के बाद मिली अनुमति
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरी घटना के दौरान सभी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया। प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद संजीव कुमार को जाने की अनुमति दे दी गई। उसके पास से कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। हालांकि, आगे की जांच के लिए उसकी ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी रिकॉर्ड में रखी गई है, ऐसा व्यक्ति का दावा है।
फिलहाल इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गणतंत्र दिवस से पहले हुई इस घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं।



