ठंड में पानी कम पीना बन सकता है जानलेवा, किडनी-हृदय रोगों के साथ हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा

Health News: सर्दी के मौसम में पानी कम पीने की आदत लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड में शरीर को पर्याप्त पानी न मिलने से किडनी और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। खासकर बीपी और मधुमेह के मरीजों में डिहाइड्रेशन के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक की आशंका कई गुना तक बढ़ सकती है।

कड़ाके की ठंड में प्यास कम लगने के कारण लोग अक्सर पानी पीना नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका असर सीधे स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसका उदाहरण बरेली में रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में देखने को मिला, जहां इलाज के लिए पहुंचे अधिकांश मरीज जोड़ों के दर्द, पाचन संबंधी समस्याओं और शरीर में ऐंठन से परेशान थे। जांच में इन मरीजों के शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की पुष्टि हुई।

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके गुप्ता के मुताबिक, सर्दी के मौसम में ठंडी हवा, भारी कपड़े पहनने और प्यास कम लगने के कारण लोग पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। इससे शरीर में निर्जलीकरण की स्थिति पैदा हो जाती है। डिहाइड्रेशन बढ़ने पर यूरिन का रंग गहरा पीला हो जाता है और पेशाब में जलन महसूस होती है। इसके साथ ही यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) और किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा

डॉ. गुप्ता ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों में पानी की कमी से खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में पानी कम होने से नमक का स्तर बढ़ता है, जिसका असर अन्य अंगों पर भी पड़ता है।

पानी की कमी से जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, अत्यधिक थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सर्दियों में भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। यदि सादा पानी पीने में दिक्कत हो तो हर्बल चाय, फलों का रस, सूप और अन्य पेय पदार्थों का सेवन किया जा सकता है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

36 सौ मरीजों का हुआ इलाज, गंभीर रोगी रेफर

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आरोग्य मेलों के दौरान करीब 3,600 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें बुखार के 230, सांस संबंधी 360, पाचन के 487, त्वचा रोगों के 740, हाइपरटेंशन के 107, बीपी और शुगर के 310 सहित अन्य बीमारियों के मरीज शामिल थे। वहीं, 14 गंभीर रोगियों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह ने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लोगों से सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की।

Previous articleउत्तराखंड: जौनसार-बावर में फिजूलखर्ची पर सख्ती, महंगे होटलों में शादी पर रोक; उल्लंघन पर 1 लाख जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार
Next articleराहुल गांधी को मानहानि मामले में नोटिस, अगली सुनवाई 7 फरवरी को