ईरान में फंसे विकासनगर के लोगों की चिंता बढ़ी, परिजनों से आखिरी बार हुई थी फोन पर बात

देहरादून: पश्चिम एशिया में जारी Israel–Iran War के बीच उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में कई परिवार अपने परिजनों को लेकर गहरी चिंता में हैं। ईरान में रह रहे रिश्तेदारों से कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है। लगातार बिगड़ती युद्ध की स्थिति और संचार सेवाओं के बाधित होने से परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों के छठे दिन युद्ध का दायरा अब मध्य पूर्व से आगे बढ़ते हुए हिंद महासागर क्षेत्र तक पहुंच चुका है। एक तरफ जहां ईरान के कई नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर Strait of Hormuz के बंद होने की आशंका से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।

विकासनगर के अंबाड़ी गांव के परिवारों की बढ़ी चिंता

देहरादून के विकासनगर ब्लॉक के अंबाड़ी गांव निवासी अयूब खान के भतीजे अली हैदर और उनकी पत्नी इस समय ईरान में रह रहे हैं। दोनों Islamic University of Qom में पढ़ाई कर रहे हैं। यह विश्वविद्यालय ईरान के धार्मिक शहर Qom में स्थित है, जो राजधानी Tehran से लगभग 100 किलोमीटर दूर है।

अयूब खान ने बताया कि तीन दिन पहले उनके भतीजे से फोन पर बात हुई थी। उस दौरान अली हैदर ने बताया था कि वह भारतीय दूतावास से मिलने वाली सलाह और निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवाएं बाधित होने के कारण संपर्क करने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके बाद से उनका फोन बंद आ रहा है।

जाकिर हुसैन की बेटी भी ईरान में

विकासनगर क्षेत्र के ही जाकिर हुसैन की विवाहित बेटी भी ईरान में रहती है और वहीं की नागरिक है। जाकिर हुसैन ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। उसने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि वह और उसका परिवार पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।

हालांकि बातचीत के कुछ ही देर बाद कॉल कट गई और तब से उनका फोन बंद आ रहा है। लगातार संपर्क नहीं होने से परिवार के सदस्य चिंतित हैं और उनके सुरक्षित होने की खबर का इंतजार कर रहे हैं।

भारतीय दूतावास से उम्मीद

परिजनों का कहना है कि वे भारत सरकार और भारतीय दूतावास से लगातार स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं स्थानीय परिवार अपने प्रियजनों की कुशलता की खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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