उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान के समीप आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पीछे बनी सरकारी कॉलोनी में देर रात भीषण आग लगने से तीन मकान जलकर राख हो गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि देखते ही देखते आसपास के अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के दौरान घरों में रखे रसोई गैस सिलिंडर फटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार देर रात करीब 12 बजे की है। सरकारी कॉलोनी में बने टिन शेड और लकड़ी के मकानों में अचानक आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सबसे पहले एक मकान में आग भड़की, जिसके बाद तेज हवा और ज्वलनशील निर्माण सामग्री के कारण आग ने कुछ ही समय में आसपास के अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, ताकि आग और अधिक न फैल सके तथा किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
घटना के दौरान मकानों में रखे रसोई गैस सिलिंडरों में विस्फोट होने से लोगों में दहशत फैल गई। आग की भयावहता को देखते हुए कॉलोनी के निवासियों ने अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। कई परिवारों ने रात पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घरों में बिताई।
राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। लकड़ी और टिन शेड से बने मकानों में आग तेजी से फैल गई, जिससे घरों में रखा घरेलू सामान, फर्नीचर, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। प्रभावित मकानों में तीन परिवार निवास कर रहे थे।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। फायर ब्रिगेड और बचाव दल की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पा लिया गया। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है।



