उत्तरकाशी: दूरस्थ फीताड़ी गांव में भीषण आग, कई परिवारों का सबकुछ राख
उत्तरकाशी। जनपद के मोरी विकासखंड के दूरस्थ फीताड़ी गांव में देर रात भीषण अग्निकांड हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 12 लोगों के आवासीय भवन जलकर पूरी तरह राख हो गए, जबकि घटना में तीन गाय जिंदा जलने से मर गईं। ग्रामीणों और प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद करीब सात घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में देर रात अचानक दो लकड़ी के मकानों में आग लग गई। देखते ही देखते आग आसपास के घरों तक फैलती चली गई। गांव में अधिकांश मकान लकड़ी के बने होने और उनके बीच दूरी कम होने के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे पूरा गांव भीषण अग्निकांड की चपेट में आने की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों ने की आग बुझाने की कोशिश
आग लगते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। लेकिन तेज लपटों और लकड़ी के मकानों के कारण आग लगातार फैलती रही। सूचना मिलने के बाद तहसील प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद लगभग सात घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घनी बस्ती के कारण बढ़ा खतरा
ग्रामीणों के अनुसार गांव में अधिकांश घर लकड़ी के बने हुए हैं और बस्ती काफी घनी है। इसी कारण आग लगने के बाद तेजी से फैल गई और कई घर इसकी चपेट में आ गए। हालांकि समय रहते अन्य घरों को बचाने के लिए ग्रामीणों और प्रशासन ने संयुक्त प्रयास किए।
12 घरों में आग लगने की पुष्टि
तहसील मोरी के ग्राम फीताड़ी के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में 12 आवासीय भवनों में आग लगने की सूचना मिली है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की तैयारी की जा रही है।
मंत्री ने दिए तत्काल राहत के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री Madan Kaushik ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन सचिव से बातचीत कर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आग से प्रभावित लोगों को जल्द जरूरी मदद मिल सके।
प्रशासन के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को अस्थायी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।



