उत्तराखंड में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में दो दिन बाद बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं, हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि संभावित बारिश-बर्फबारी का तापमान पर प्रभाव बहुत सीमित रहने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में चटक धूप के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
लंबे इंतजार के बाद जनवरी महीने में हुई बारिश और पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी से प्रदेश को सूखी ठंड से राहत मिली थी। इससे जहां मौसम सुहावना हुआ, वहीं लोगों के चेहरे पर भी खुशी नजर आई। लेकिन अब फरवरी के पहले सप्ताह में ही मैदानी क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। हालांकि सुबह और शाम के समय अभी भी ठंड का असर बना हुआ है।
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 25.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के समय धूप में कुछ देर रहने पर गर्मी का स्पष्ट अहसास हुआ। यही स्थिति प्रदेश के अन्य मैदानी और तराई क्षेत्रों में भी देखने को मिली। हैरानी की बात यह रही कि अब तक सामान्य से नीचे रहने वाला न्यूनतम तापमान भी सामान्य स्तर पर दर्ज किया गया।
बारिश-बर्फबारी का तापमान पर सीमित असर
मौसम जानकारों के अनुसार, आमतौर पर इतना तापमान फरवरी के अंतिम सप्ताह या करीब 20 दिन बाद देखने को मिलता था, लेकिन इस बार शुरुआती दिनों में ही पारा चढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में संभावित बारिश और बर्फबारी के बावजूद तापमान में बड़ी गिरावट नहीं आएगी। खासकर मैदानी इलाकों में धूप का असर ज्यादा बना रहेगा।
शनिवार के मौसम की बात करें तो हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छाने से ठंड परेशान कर सकती है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। आगे की बात करें तो 9 से 11 फरवरी के बीच पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना अधिक जताई जा रही है।



