उत्तराखंड: आज से शुरू हुआ माल्टा महोत्सव, गीता धामी ने किया पर्वतीय किसानों को प्रोत्साहित, ‘घाम तापो–नींबू सानो’ रहेगा विशेष आकर्षण

उत्तराखंड के पर्वतीय किसानों, पारंपरिक कृषि और स्थानीय फल-संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय माल्टा महोत्सव और ‘घाम तापो–नींबू सानो’ कार्यक्रम का शुभारंभ आज मंगलवार से हो गया। यह महोत्सव सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन के सहयोग से आईटीबीपी ग्राउंड, सीमाद्वार में आयोजित किया जा रहा है, जो शाम तक चलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी और सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी ने महोत्सव को लेकर कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड में नींबू वर्गीय फलों, विशेष रूप से माल्टा, नींबू और संतरे के उत्पादन और विपणन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा और राज्य के पोषण-समृद्ध पारंपरिक फल सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे।

गीता धामी ने बताया कि महोत्सव के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आए नींबू वर्गीय फसलों के उत्पादक किसान अपने ताजा और प्राकृतिक उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों की आय में सीधा लाभ पहुंचेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को भी शुद्ध, स्थानीय और पोषण से भरपूर फल खरीदने का अवसर मिलेगा।

‘घाम तापो–नींबू सानो’ का प्रदर्शन रहेगा विशेष आकर्षण

महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण उत्तराखंड की पौराणिक और लोक-परंपरा ‘घाम तापो–नींबू सानो’ का प्रदर्शन होगा। इस परंपरा के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक परिधानों में नींबू सानने की पारंपरिक प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन करेंगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना है।

गीता धामी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक फल महोत्सव नहीं, बल्कि पर्वतीय किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने, महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता कर इसे सफल बनाने की अपील की।

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