देहरादून। Uttarakhand में मंगलवार को साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में होगा। चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले सुबह 6:27 बजे से सूतक काल लागू हो गया है। इसी कारण प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह से ही बंद कर दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए मंदिर परिसरों में नोटिस भी चस्पा किए गए हैं।
ग्रहण दोपहर 3:27 बजे से शुरू होकर शाम 6:57 बजे तक रहेगा। आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर पड़ने वाला यह चंद्रग्रहण पूर्ण रहेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पूरी तरह पड़ती है, जिससे चांद लाल रंग में दिखाई देता है। इसे सामान्य भाषा में ‘ब्लड मून’ के रूप में भी जाना जाता है।
सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, हवन और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। मंदिर प्रशासन ने सोमवार को ही श्रद्धालुओं को सूचनाएं जारी कर दी थीं। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और उसके बाद नियमित पूजा-अर्चना शुरू होगी।
धार्मिक विद्वानों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सूतक काल के नियमों का पालन करें और ग्रहण के दौरान सावधानीपूर्वक धार्मिक आचार-विचार करें।



