उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: सीएम धामी की अध्यक्षता में छह अहम प्रस्तावों को मंजूरी, बोनस कानून से लेकर ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती पर फैसले

देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिवालय में हुई इस कैबिनेट बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी प्रदान की गई। इन प्रस्तावों में श्रम कानून, स्वास्थ्य सेवाएं, गृह विभाग, कारागार नियम, वन विभाग के श्रमिक और सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजनाओं से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं।

🔹 पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का निर्णय

कैबिनेट ने श्रम विभाग से संबंधित पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का फैसला किया है। यह अधिनियम कोविड-19 महामारी के दौरान लागू किया गया था, जिसमें उद्योगों को केवल सरप्लस होने की स्थिति में ही बोनस देने का प्रावधान था।
सरकार ने स्पष्ट किया कि चूंकि अब केंद्र सरकार का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 प्रभावी है, इसलिए वही कानून राज्य में लागू रहेगा। राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इसे वापस लिया जा रहा है। अब केंद्रीय कानून लागू होने से कर्मचारियों को बोनस का लाभ सुनिश्चित होगा।

🔹 ईएसआई डॉक्टरों के लिए नई नियमावली को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस सर्विस स्कीम 2026 को स्वीकृति दी गई। इसके तहत ईएसआई डॉक्टरों के कुल 94 पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।
इनमें—

  • मेडिकल ऑफिसर के 76 पद,

  • असिस्टेंट डायरेक्टर के 11 पद,

  • लेवल-12 के 6 पद,

  • तथा एडिशनल डायरेक्टर (लेवल-13) का 1 पद शामिल है।

अब मेडिकल ऑफिसर स्तर पर सीधी भर्ती के साथ-साथ पदोन्नति का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

🔹 एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए नए पद स्वीकृत

गृह विभाग से जुड़े प्रस्ताव में बताया गया कि वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर 22 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें एक पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य पद शामिल हैं। यह फोर्स अब मुख्यालय और जिला दोनों स्तरों पर प्रभावी रूप से कार्य करेगी।

🔹 आदतन अपराधियों की परिभाषा में बदलाव

कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि वर्ष 2024 में पारित उत्तराखंड कारागार अधिनियम में बार-बार अपराध करने वालों को आदतन अपराधी मानने के प्रावधान को संशोधित किया जाएगा। अब आदतन अपराधी की पहचान पूर्ववर्ती अधिनियम के अनुसार ही की जाएगी।

🔹 वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान

वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को राहत देते हुए कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पहले से न्यूनतम वेतनमान पा रहे 893 श्रमिकों के अतिरिक्त शेष 589 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।

🔹 मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना जारी रहेगी

राज्य में संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना को भी जारी रखने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार की योजना वर्ष 2025-26 तक प्रभावी रहेगी, तब तक राज्य की मुख्यमंत्री योजना भी समानांतर रूप से संचालित होती रहेगी।


👉 कुल मिलाकर, इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों से राज्य के कर्मचारियों, स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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