उत्तराखंड बजट सत्र: सीएम धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, बोले—‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रहा प्रदेश

उत्तराखंड बजट सत्र: सीएम धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, बोले—‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रहा प्रदेश

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को विकास के नए आयामों की ओर ले जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए पिछले चार वर्षों में सरकार ने कई सख्त और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं और भविष्य में भी प्रदेशहित में ऐसे फैसले लिए जाते रहेंगे।


अटल बिहारी वाजपेयी को दिया राज्य गठन का श्रेय

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee को जाता है, जिन्होंने इस राज्य की नींव रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के सहयोग से राज्य को नई दिशा और गति मिल रही है।

सीएम धामी ने कहा कि इस वर्ष प्रस्तुत किया गया बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह वर्तमान विधानसभा का अंतिम पूर्णकालिक बजट होने के साथ-साथ आगामी वर्षों में राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज भी है।


1.11 लाख करोड़ का बजट, 10 प्रतिशत की वृद्धि

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार 1.11 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रदेश के सवा करोड़ लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों का प्रतिबिंब है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आंकड़ों से उन्हें परेशानी हो सकती है, क्योंकि ये आंकड़े उनके “सिलेबस” में नहीं हैं। बजट में मातृशक्ति के सम्मान, युवाओं के उत्थान, किसानों के कल्याण, विज्ञान एवं नवाचार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।


राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य की जीएसडीपी में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने बताया कि राज्य का बजट आकार भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके साथ ही निवेश, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्रों में भी तेजी से विकास हुआ है।


रोजगार और उद्योगों को मिला बढ़ावा

सरकार द्वारा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इन नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं।

इसके अलावा प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 तक पहुंच गई है। पर्यटन, होटल और होमस्टे क्षेत्र में भी तेज़ी से विस्तार हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने कहा कि हेली सेवाओं और हेलीपोर्ट की संख्या बढ़ने से पर्यटन और कनेक्टिविटी दोनों को नई गति मिली है।


नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर सख्ती

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में सख्त नकलरोधी कानून लागू कर सरकार ने नकल माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

सरकार के कार्यकाल में 30 हजार युवाओं को नौकरी दी गई है, जो पिछली सरकारों के मुकाबले लगभग 30 गुना अधिक है।

इसके अलावा भ्रष्टाचार के मामलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


समान नागरिक संहिता सहित कई ऐतिहासिक फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां Uniform Civil Code लागू किया गया है।

उनके अनुसार इस कानून से महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं और समाज में समानता तथा न्याय की भावना को मजबूती मिली है।

इसके अलावा सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सख्त भू-कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे कदम भी उठाए हैं।


इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर बड़ा निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में लगभग दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से Rishikesh–Karnaprayag Rail Project और Char Dham All Weather Road Project शामिल हैं, जो राज्य के विकास को नई गति देंगी।


किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है, जबकि कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

महिला सशक्तिकरण के लिए चल रही योजनाओं के तहत प्रदेश की करीब 1 लाख 70 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। वहीं युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं।


पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड मंदिरों के विकास, शीतकालीन यात्रा, फिल्म पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विकास, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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