उत्तराखंड में बीएलए नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल तेज, भाजपा-कांग्रेस की कसरत जारी, अब तक 8700 बीएलए तैनात

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावी प्रक्रियाओं से पहले बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता तेज हो गई है। हर मतदान केंद्र पर एक बीएलए तैनात करने के निर्देशों के तहत भाजपा और कांग्रेस सहित सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों ने कसरत शुरू कर दी है, हालांकि लक्ष्य के मुकाबले अब भी नियुक्तियों की रफ्तार धीमी मानी जा रही है। प्रदेश के कुल 11,700 मतदान केंद्रों के सापेक्ष अब तक केवल 8,700 बीएलए ही नियुक्त हो पाए हैं।

प्रदेश में जल्द ही चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन—एसआईआर) अभियान शुरू किए जाने की संभावना है। इसे देखते हुए आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बीएलए-1 और बीएलए-2 की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नियमों के अनुसार, हर मतदान केंद्र पर प्रत्येक राजनीतिक दल को अपना एक बीएलए-2 नियुक्त करना होता है, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर पर निगरानी और समन्वय किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में छह पंजीकृत राजनीतिक दल हैं। इस लिहाज से कुल बीएलए-2 की संख्या 70,200 होनी चाहिए, लेकिन अभी तक केवल 8,700 बीएलए ही नियुक्त किए जा सके हैं। इनमें भाजपा ने 5,300 और कांग्रेस ने 3,200 बीएलए-2 तैनात किए हैं, जबकि शेष 200 बीएलए अन्य चार पंजीकृत राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए हैं।

हालांकि सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए-1 की नियुक्ति पहले ही पूरी की जा चुकी है, लेकिन बूथ स्तर पर बीएलए-2 की तैनाती की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी चल रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से लगातार राजनीतिक दलों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द सभी मतदान केंद्रों के लिए अपने बीएलए नियुक्त करें।

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि आगामी एसआईआर अभियान में बीएलए की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। बीएलए अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों के मतदाताओं को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल कराने में अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि जो बीएलए अभी नियुक्त किए जाएंगे, उनके नामों में बाद में बदलाव भी किया जा सकता है। आयोग की प्राथमिकता यह है कि सभी बूथों पर समय रहते बीएलए उपलब्ध हों।

इस बीच राजनीतिक दलों ने भी अपनी-अपनी प्रगति का दावा किया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार ने कहा कि पार्टी अब तक 5,300 बीएलए तैनात कर चुकी है और शेष का चिह्नांकन पूरा होने के बाद फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही भाजपा सभी 11,700 मतदान केंद्रों के लिए अपने बीएलए नियुक्त कर देगी।

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि पार्टी ने 3,200 से अधिक बीएलए नियुक्त किए हैं, लेकिन फॉर्म भरने और डाटा अपडेट की प्रक्रिया के चलते संख्या तुरंत दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को बीएलए नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

कुल मिलाकर, बीएलए नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल तो बढ़ी है, लेकिन लक्ष्य के मुकाबले अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। निर्वाचन आयोग की नजर इस पूरी प्रक्रिया पर बनी हुई है, ताकि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जा सके।

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