उत्तराखंड: नए स्वरूप में संवरेगा बाबा बर्फानी धाम, टिम्मरसैंण गुफा परिसर में बनेगा शिव उद्यान

चमोली। हिमालयी क्षेत्र में आस्था और प्रकृति के अद्भुत संगम के रूप में प्रसिद्ध बाबा बर्फानी का धाम जल्द ही आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक सौंदर्यीकरण के साथ नए रूप में नजर आएगा। भारत-चीन सीमा क्षेत्र की नीती गांव में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा के विकास कार्यों को केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत हरी झंडी मिल चुकी है। इसके लिए जिला पर्यटन विकास विभाग को भारत सरकार से 26 करोड़ 85 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

हर वर्ष जनवरी से मार्च के बीच टिम्मरसैंण गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग आकार ले लेता है, जिसे श्रद्धालु बाबा बर्फानी के रूप में पूजते हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी बढ़ती आस्था और पर्यटक आवागमन को देखते हुए गुफा क्षेत्र के सुनियोजित विकास का प्रस्ताव वर्ष 2024 में केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे जनवरी 2026 में मंजूरी मिली।

गुफा तक पहुंच होगी आसान, बढ़ेंगी सुरक्षा सुविधाएं

परियोजना के तहत गुफा परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गुफा तक जाने वाले लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल मार्ग का सुधारीकरण होगा। बर्फ के कारण फिसलन वाले हिस्सों में रेलिंग लगाई जा रही है, जबकि मार्ग पर नक्काशीदार पत्थर बिछाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुगम बन सके। अत्यधिक बर्फबारी न होने के चलते अवस्थापना विकास के कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

शिव उद्यान बनेगा आकर्षण का केंद्र

परियोजना का एक प्रमुख घटक शिव उद्यान का विकास भी है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आध्यात्मिक अनुभूति को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए बैठने, विश्राम और दृश्यावलोकन जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत टिम्मरसैंण क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से अवस्थापना कार्य किए जा रहे हैं। सभी कार्यों को 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

बढ़ी प्रसिद्धि, देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु

भारत-चीन सीमा से सटे नीती गांव में स्थित टिम्मरसैंण गुफा की प्रसिद्धि पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। अब देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन को पहुंच रहे हैं। कई पर्यटक औली व अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा के साथ टिम्मरसैंण गुफा को भी अपने कार्यक्रम में शामिल कर रहे हैं। दिल्ली से आए मयंक शर्मा और मृदुल ने बताया कि औली भ्रमण के साथ उन्होंने इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन का संकल्प लिया। उनके अनुसार, टिम्मरसैंण गुफा में दर्शन के साथ हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव अविस्मरणीय है।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद टिम्मरसैंण गुफा न केवल श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी, बल्कि सीमांत क्षेत्र में पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

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