UK Board Result 2026: खेत में गेहूं काटते-काटते बना जिला टॉपर, बेटे की सफलता पर भावुक हुए किसान पिता

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजों ने इस बार एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी को जन्म दिया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियों के बीच संघर्ष कर रहे एक किसान परिवार के बेटे ने मेहनत और लगन के दम पर सफलता की नई मिसाल कायम की है।

खेतों में गेहूं की सुनहरी बालियों के बीच दरांती चलाते हुए पसीना बहा रहा एक साधारण सा किशोर—यही तस्वीर है जोनिश कुमार की, जिसने हाईस्कूल परीक्षा में 95.20 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में तीसरा और पूरे उत्तराखंड में 12वां स्थान प्राप्त किया।

हैरानी की बात यह है कि जिस दिन परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, उस दिन भी जोनिश अपने माता-पिता के साथ खेत में गेहूं की कटाई कर रहा था। उसे अपने अच्छे अंकों का अंदाजा जरूर था, लेकिन प्रदेश स्तर पर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने की जानकारी उसे नहीं थी।

जोनिश कुमार, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज औरंगाबाद आनेकी का छात्र है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले जोनिश के माता-पिता शिक्षित नहीं हैं। उसके पिता राजेश कुमार और माता सोनिया देवी सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करते हैं और इन दिनों गेहूं की फसल काटने में जुटे हुए हैं।

जब मीडिया के माध्यम से फोन पर जोनिश को उसके परिणाम की जानकारी मिली, तो वह बेहद भावुक हो गया। उसने तुरंत खेत से घर जाकर कपड़े बदले और फिर अपनी सफलता की तस्वीरें खिंचवाईं।

जोनिश ने बताया कि उसने बिना किसी कोचिंग के रोजाना केवल 2-3 घंटे पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया है। उसका सपना आगे चलकर डॉक्टर बनने का है। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और भाइयों को दिया।

बेटे की इस उपलब्धि पर पिता राजेश कुमार भावुक हो उठे। उन्होंने गर्व से कहा कि उनका बेटा एक दिन जरूर गांव और परिवार का नाम रोशन करेगा।

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद जोनिश के दोनों बड़े भाई भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं—एक बीकॉम और दूसरा बीबीए की पढ़ाई कर रहा है।

विद्यालय के प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह चौहान ने जोनिश की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

यह कहानी न केवल मेहनत और समर्पण की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ निश्चय से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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