आये दिन लगते ट्रैफिक जाम पर पलायन एक चिंतन के संयोजक रतन सिंह असवाल की मुख्यमंत्री के नाम खुली चिट्ठी

माननीय मुख्यमंत्री
उत्तरांखड

विषय : देहरादून मे आये दिन बढ़ रही जाम की समश्या के विषयक ।

महोदय
आपको अवगत कराना चाहता हूं कि राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून में आये दिन ट्रैफ़िक जाम की समस्या एक सामान्य सी बात हो गई है। शहर की शायद की कोई मुख्य सड़क हो जिस पर वक्त बेवक्त गाड़ियों की लाईन लगी हुई न हो ।

नगर में बढ़ती आबादी के कारण यहां सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ना स्वाभविक है, जिसको नियंत्रित करने का जिम्मा नगर की यातायात पुलिस और जिला पुलिस का है । इसके लिए CPU का भी गठन किया गया । लेकिन अक्सर देखा गया है कि CPU यातायात नियंत्रित कम और चालान करती हुई ज्यादा दिखाई देती है । कभी कभी लगता है कि इसका गठन किसी वाहन, पेड़ या दीवार की ओट में खड़े होकर केवल चालान काटने के काम के लिये ही हुआ होगा ।

यातायात के निर्बाध संचालन के लिये नगर की सड़कों के कट जगह-जगह बंद किए जा चुके है, यह समझा गया था कि इसके बाद नगर सड़कों पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी.. लेकिन हुआ इसके उलट, अब कट के न होने से जहां वाहन अनावश्यक किलोमीटर से अधिक लंबा चक्कर लगाने के लिए सड़कों पर फ़ंसे रहते हैं, वहीं हर चौराहों पर ट्रैफ़िक का दबाव पहले से कई गुना बढ़ गया है । कारण यह भी है कि नगर का कोई भी चौराह इतना बड़ा नही है जो दस-बीस कटों के ट्रैफिक का भार संभाल सके ।

वाहनों की पार्किंग नगर के अंदर एक दूसरी विकट समस्या बन गई है जिसका कोई हल होता नहीं दिखाई दे रहा है, जहां तहां फल, सब्जियों, फ़ास्ट फ़ूड आदि की बेतरतीब खड़ी ठेलियां एक तरफ़ तो वाहनों को पार्क नहीं होने देंती और दूसरी तरफ़ ये जाम के प्रमुख कारणों में से एक बनतीं हैं ।

मुख्य सड़कों पर ट्रैफ़िक का दबाव बढ़ने का एक मुख्य कारण नगर की अंदर की सड़कों का गढ्ढों भरा होना भी है । गलियों और अन्य लिंक सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि लोग मजबूरी में वाहन लेकर मुख्य मार्ग को प्रयोग करते हैं जो सड़क पर अनावश्यक दबाव बढ़ाता है ।

प्रशासन को चाहिये की CPU का काम ट्रैफ़िक नियंत्रण का रखे, हां वे बेशक यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले को रोककर चालान भी करें, लेकिन प्राथमिकता ट्रैफ़िक के निर्बाध संचालन की हो । SSP महोदय पर जनपद के ट्रैफिक के नियंत्रण की जिम्मेदारी हो और सड़क के दोनों तरफ ठेलियों के खड़े होने और सुबह आठ बजे से रात के आठ बजे तक आवगमन पर पूर्ण प्रतिबंध करे ।

इसके अलावा नगर में नए पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण बहुत जरूरी है और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की पार्किंगों को आम जनता के लिए खोला जाना भी समीचीन होगा । अन्यथा यही स्थिति रही तो सड़कें न पैदल चलने लायक रहेंगी और न वाहन चलाने लायक ।

सादर
( रतन सिंह असवाल )

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