टिहरी जिले में कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए जलाई गई अंगीठी एक परिवार के लिए दर्दनाक हादसे का कारण बन गई। कोटीकॉलोनी स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में अंगीठी से निकले जहरीले धुएं के कारण चार साल की मासूम बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उसकी मां की हालत गंभीर बनी हुई है। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी गणेश पालवे सीआईएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं और अपने परिवार के साथ कोटीकॉलोनी स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में रहते हैं। बताया जा रहा है कि गणेश पालवे अस्वस्थ होने के कारण उपचार के लिए देहरादून गए हुए थे। इसी दौरान 16 जनवरी की शाम उनकी पत्नी मोनिका गणेश पालवे (37) ने ठंड से बचने के लिए कमरे के अंदर अंगीठी जलाई।
रात के समय अंगीठी को कमरे के भीतर ही रखा गया। सुबह करीब 10 बजे तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास रहने वाले लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे में बिस्तर पर मोनिका पालवे और उनकी चार साल की बेटी आर्य गणेश पालवे बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थीं। दोनों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल नई टिहरी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने बच्ची आर्य को मृत घोषित कर दिया। महिला की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
कोतवाली निरीक्षक एश्वर्य पाल ने बताया कि कमरे की गहन तलाशी ली गई है। मौके से कोई विषाक्त पदार्थ या सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जबकि कमरे के भीतर अंगीठी पाई गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अंगीठी से निकले धुएं के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी नई टिहरी पहुंच गए हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से ठंड के मौसम में बंद कमरों में अंगीठी या कोयले का उपयोग न करने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।



