रुड़की में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई, विजिलेंस की छापेमारी में पांच गांवों से 160 मामले पकड़े

रुड़की।
बिजली चोरी के खिलाफ ऊर्जा निगम ने रुड़की क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम के साथ ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पांच गांवों में एक साथ दबिश देकर करीब 160 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से पूरे रुड़की विद्युत वितरण मंडल में हड़कंप मच गया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

बढ़ती बिजली चोरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बुधवार तड़के यह विशेष अभियान शुरू किया गया। रुड़की, मंगलौर, झबरेड़ा, कलियर समेत आसपास के क्षेत्रों में लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद विजिलेंस और ऊर्जा निगम की संयुक्त टीम ने घोड़ेवाला, मरगूबपुर, भौरी डेरा, बेहडेकी और बेलडा गांवों को चिन्हित कर छापेमारी की। टीम के गांवों में पहुंचते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अपनी छतों पर चढ़कर अवैध रूप से डाली गई केबल और तार हटाने लगे, लेकिन विजिलेंस टीम ने एक-एक घर, दुकान और अन्य प्रतिष्ठानों की गहन जांच कर बिजली चोरी के साक्ष्य जुटाए।

छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध कनेक्शनों में इस्तेमाल हो रहे मीटर और तार जब्त कर उन्हें सील कर दिया। एक के बाद एक सामने आए मामलों से साफ हो गया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही थी। अभियान का असर मंडल के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला, जहां दिनभर खलबली की स्थिति बनी रही।

इस संबंध में अधिशासी अभियंता (नगरीय) अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि सहायक अभियंता विजिलेंस धनंजय के नेतृत्व में ऊर्जा निगम और विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि छापेमारी में बड़ी संख्या में बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं और सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों के दिनभर घनघनाते रहे फोन

जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, कई ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर छापेमारी रुकवाने की कोशिश की। गांव से लेकर शहर तक के जनप्रतिनिधियों के फोन ऊर्जा निगम और विजिलेंस टीम के अधिकारियों के पास आते रहे, लेकिन इसके बावजूद अभियान बिना रुके जारी रखा गया। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि बिजली चोरी पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

ताले लगाकर फरार हुए कई ग्रामीण

अलसुबह शुरू हुई छापेमारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी देखकर कई ग्रामीण घबरा गए। जांच के दौरान घरों, दुकानों, आटा चक्कियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी तलाशी ली गई। सख्त कार्रवाई की आशंका के चलते कुछ ग्रामीण अपने घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए, ताकि चोरी पकड़े जाने से बच सकें।

एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंची कार्रवाई की खबर

ऊर्जा निगम की ओर से प्रतिदिन 100 से अधिक बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों ने चोरी-छिपे दोबारा कनेक्शन जोड़ लिए थे, जिसकी जानकारी निगम को पहले से थी। छापेमारी शुरू होते ही जिन गांवों में कार्रवाई चल रही थी, वहां के लोगों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर सूचना दे दी। दिनभर रुड़की, मंगलौर, कलियर, धनौरी और झबरेड़ा समेत कई इलाकों में ग्रामीण विजिलेंस टीम की गतिविधियों और रूट की जानकारी जुटाते रहे।

ऊर्जा निगम ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी बिजली चोरी के खिलाफ ऐसे अभियान जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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