ऋषिकेश। विश्व की योग नगरी Rishikesh में सोमवार से सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया। Parmarth Niketan Ashram में आयोजित इस महोत्सव में दुनिया के 80 से अधिक देशों से करीब 1500 से अधिक योग साधक, योगाचार्य और योग जिज्ञासु शामिल हुए हैं। महोत्सव के दौरान 13 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami और 14 मार्च को राज्यपाल Gurmit Singh प्रतिभाग करेंगे।
सात दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में योग, आध्यात्म, संगीत और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। महोत्सव के पहले दिन सुबह से लेकर देर शाम तक योग सत्र, आध्यात्मिक प्रवचन, वैदिक अनुष्ठान और प्रेरणादायक संगीत कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसने प्रतिभागियों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
योग, संगीत और मल्लखंब का अद्भुत संगम
महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर गंगा तट पर आयोजित भव्य गंगा आरती के दौरान योग साधकों ने संगीत, योग और प्राचीन भारतीय कला मल्लखंब के अनोखे संगम का आनंद लिया। देश-विदेश से आए प्रतिभागियों ने भारतीय योग परंपरा की विविध विधाओं का अनुभव किया और इसे आत्मिक शांति व संतुलन का मार्ग बताया।
विशेषज्ञों ने कराए विभिन्न योग सत्र
सोमवार को आयोजित प्रातःकालीन सत्रों में योगाचार्य दासा दास ने प्रतिभागियों को हठ योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया। वहीं ईरान की योगाचार्या आध्य्या ने पारंपरिक हठ योग और हठ विन्यास की बारीकियां सिखाईं।
Kaivalyadhama Yoga Institute की प्राणायाम विशेषज्ञ संध्या दीक्षित ने “प्राणायाम की शक्ति” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया, जिसमें श्वास तकनीकों के माध्यम से मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने के तरीके बताए गए।
योगाचार्य सेंसई संदीप देसाई ने ‘ताई-ची फ्लो’ सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को संतुलन और आंतरिक शांति का अनुभव कराया।
योग को सेवा और जीवन दर्शन से जोड़ा
“मैट से मिशन तक: कर्मयोग के रूप में जीवन जीना” विषय पर आयोजित विशेष संवाद सत्र में कई अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इस सत्र में Sadhvi Bhagawati Saraswati, Ishan Tigunait, Shiva Re, Anand Mehrotra और Tommy Rosen सहित कई विशेषज्ञों ने योग के व्यापक महत्व पर चर्चा की।
वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा, जागरूकता और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग है।
विभिन्न योग विधाओं का अनुभव
दिनभर प्रतिभागियों ने मंत्र योग, चक्र बैलेंसिंग विन्यास, विन्यास योग, हृदय-केंद्रित ध्यान सत्र, कुंडलिनी योग और योग दर्शन से जुड़े विशेष सत्रों में भाग लिया। वहीं नाद योग और साउंड हीलिंग पर आधारित “सेक्रेड साउंड एक्सपीरियंस” में मंत्रों और संगीत के माध्यम से गहन ध्यान का अनुभव कराया गया।
योगाचार्यों ने साझा किए अनुभव
अमेरिका से आए योगाचार्य Tommy Rosen ने कहा कि एक समय उन्हें चिंता होती थी कि वे महान संतों जैसा नहीं बन सकते, लेकिन योग साधना ने उन्हें यह सिखाया कि नियमित अभ्यास और अपने हृदय से जुड़ाव के माध्यम से हर व्यक्ति यह जान सकता है कि वह दुनिया की सेवा किस प्रकार कर सकता है।
वहीं योगाचार्या Shiva Re ने कहा कि इंटरनेशनल योग फेस्टिवल योगिक ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत केंद्र है, जहां दुनिया भर के लोग एक साथ आकर शांति और चेतना की अनुभूति करते हैं।
इस अवसर पर Swami Chidanand Saraswati ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़ने वाला वैश्विक आध्यात्मिक संगम है, जो विश्व शांति और मानव कल्याण का संदेश देता है।



