ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य आगाज, सीएम धामी ने किया उद्घाटन; 2500 से अधिक योग साधकों ने कराया पंजीकरण

ऋषिकेश: अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य आगाज, देश-विदेश से पहुंचे साधक

ऋषिकेश में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का सोमवार को भव्य शुभारंभ हो गया। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) की ओर से मुनि की रेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस दौरान देश-विदेश से पहुंचे योग साधकों, संत-महात्माओं और योगाचार्यों की मौजूदगी में कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई।

महोत्सव में इस वर्ष करीब 2500 योग जिज्ञासुओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें लगभग 220 विदेशी प्रतिभागी शामिल हैं। इसके अलावा देशभर के करीब 150 योग संस्थानों और योग केंद्रों के साधक भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। सात दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में 80 से अधिक योगाचार्य करीब 250 यौगिक, आध्यात्मिक और ध्यान संबंधी सत्रों का संचालन करेंगे।

योग अब केवल व्यायाम नहीं, जीवन शैली: सीएम धामी

उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग आज केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन शैली बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है और इसके माध्यम से शरीर, मन और आत्मा को संतुलित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड सरकार ऋषिकेश को विश्व की योग राजधानी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार पिछले करीब 35 वर्षों से योग को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल अभ्यास तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 180 से अधिक देशों के लोग योगाभ्यास कर रहे हैं, जो भारत की संस्कृति और परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

प्रदेश में बनेंगे पांच नए योग हब

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि योग के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में पांच नए योग हब स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आयुष वेलनेस सेंटर के माध्यम से भी योग और आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा

महोत्सव के दौरान योग के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इसमें गढ़वाली लोकनृत्य, राजस्थान की संस्कृति का प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्य, पंजाब का भांगड़ा, नाद योग सेंटर ऋषिकेश द्वारा नाद योग और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न यौगिक क्रियाओं का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हेरिटेज वॉक डॉक्यूमेंट्री और ‘गॉडलैंड’ पुस्तक का भी विमोचन किया। शाम के सांध्यकालीन सत्र में प्रसिद्ध गायक लखविंदर वडाली की प्रस्तुति ने योग साधकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया बनेगी हेरिटेज वॉक

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस बार योग जिज्ञासुओं के लिए महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया को विशेष हेरिटेज वॉक के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा महोत्सव के दौरान योग क्रॉस कंट्री रेस का भी आयोजन किया जाएगा।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ऋषिकेश को योग की राजधानी के रूप में विश्वभर में पहचान मिली है। गंगा तट पर योगाभ्यास के लिए गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।

चारधाम यात्रा के लिए 5.86 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि 6 मार्च से अब तक चारधाम यात्रा के लिए करीब 5 लाख 86 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें

  • यमुनोत्री: 1,07,751

  • गंगोत्री: 1,10,122

  • केदारनाथ: 1,95,847

  • बदरीनाथ: 1,72,669

श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।

बजरंग सेतु के उद्घाटन पर सीएम ने दिया टालमटोल जवाब

महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री से जब मीडिया ने टिहरी और पौड़ी को जोड़ने वाले लक्ष्मणझूला क्षेत्र में बने बजरंग सेतु के उद्घाटन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि पुल का उद्घाटन जल्द ही कर दिया जाएगा

वहीं बापूग्राम, शिवाजीनगर और मीरानगर समेत वन भूमि प्रकरण में घिरे क्षेत्रों को राजस्व ग्राम बनाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

Previous articleउत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से लौटी ठंड, प्रदूषण घटा और पर्यावरण निखरा; जंगलों की आग भी बुझी
Next articleहल्द्वानी में आंधी का कहर: स्कूल की दीवार गिरी, आठ लोग मलबे में दबे; कई जगह पेड़ और बिजली लाइनें टूटीं