गंगा किनारे स्केच बनाकर दिल जीत रहा कलाकार, 15 मिनट में तैयार करता है जीवंत तस्वीरें; देशी-विदेशी सैलानी हुए मुरीद

ऋषिकेश। गंगा तट पर बैठा एक हुनरमंद कलाकार इन दिनों अपनी अद्भुत स्केच कला से पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से आए 52 वर्षीय कलाकार विमल अपनी तेज़ और सटीक चित्रकारी के लिए खास पहचान बना चुके हैं। वह मात्र 14 से 15 मिनट के भीतर किसी भी व्यक्ति का जीवंत स्केच तैयार कर देते हैं, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं।

गंगा किनारे आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक उनके बनाए स्केच को यादगार के रूप में अपने साथ ले जा रहे हैं। उनकी कला की खासियत है कि कम समय में चेहरे के भाव और व्यक्तित्व को कागज़ पर उतार देते हैं, जिससे स्केच बेहद वास्तविक प्रतीत होता है।

विमल मूल रूप से तहसील मंडी धनोरा, जिला अमरोहा (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही चित्रकारी का शौक था। समय के साथ उन्होंने अपने इस शौक को पेशे में बदल दिया। शुरुआत अपने गृह राज्य से करने के बाद उन्होंने करीब सात वर्षों तक दिल्ली में रहकर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर स्केच बनाकर काम किया।

कोरोना काल के बाद वह योगनगरी ऋषिकेश आ गए। पिछले चार वर्षों से वह नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में गंगा लाइन किनारे बैठकर पर्यटकों के स्केच बना रहे हैं। उनकी एक स्केच की कीमत आमतौर पर 500 रुपये से शुरू होती है, जबकि अंतिम मूल्य कदरदान और काम की बारीकी के अनुसार तय होता है।

विमल ने कई चर्चित हस्तियों के स्केच भी बनाए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री Narendra Modi और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के अलावा कई बॉलीवुड कलाकार शामिल हैं। उनका कहना है कि यदि अवसर मिला तो वह स्वयं मुख्यमंत्री को उनकी बनाई स्केच भेंट करना चाहेंगे।

गंगा तट पर बैठा यह कलाकार न सिर्फ अपनी आजीविका चला रहा है, बल्कि अपनी कला के जरिए शहर आने वाले पर्यटकों को एक खास और व्यक्तिगत याद भी दे रहा है।

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