गणतंत्र दिवस 2026: देहरादून परेड ग्राउंड में राज्यपाल ने ली परेड की सलामी, भव्य झांकियों ने मोहा मन

देहरादून।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में राज्यस्तरीय मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

समारोह के दौरान विभिन्न विभागों और संस्थानों की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिनमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराएं, विकास योजनाएं और लोकजीवन की झलक देखने को मिली। झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे परेड ग्राउंड में देशभक्ति का माहौल बना रहा।


उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्यपाल

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने गणतंत्र दिवस की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और सभी संविधान निर्माताओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और सैन्य शक्ति के क्षेत्रों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इस विकास यात्रा में देवभूमि उत्तराखंड भी पूरे सामर्थ्य के साथ सहभागी बन रहा है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे, सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद उत्तराखंड की आत्मा हैं और राज्य को योग-भूमि व वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही, उत्तराखंड को अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्यपाल ने मातृशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा, सेना, खेल और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा और समानता का मजबूत कानूनी आधार प्रदान किया गया है।


गणतंत्र दिवस संविधान निर्माण का महापर्व है: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने और उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को “उत्तराखंड का दशक” बताया है, जिससे प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।


विकास, जनकल्याण और पर्यटन पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने देश के अन्य राज्यों के लिए एक नई दिशा तय की है।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। कुमाऊं मंडल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। साथ ही, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक सुदृढ़ता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की भी शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए उद्योग-अनुकूल नीतियां लागू की गई हैं। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड को छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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