चमोली: ज्योतिर्मठ में विशाल रैली, केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग तेज, आधे दिन बंद रहेंगे बाजार
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ नगर में शुक्रवार को पैनखंडा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की केंद्रीय सूची में शामिल करने की मांग को लेकर विशाल रैली आयोजित की जा रही है। रैली को लेकर क्षेत्र में व्यापक तैयारियां की गई हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आंदोलन के समर्थन में स्थानीय बाजार भी आधे दिन तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
10 साल बाद भी केंद्रीय सूची में शामिल नहीं हुआ समुदाय
पैनखंडा समुदाय को वर्ष 2016 में उत्तराखंड सरकार द्वारा ओबीसी का दर्जा प्रदान किया गया था, लेकिन राज्य स्तर पर मान्यता मिलने के बावजूद अब तक इसे केंद्र सरकार की ओबीसी सूची में शामिल नहीं किया जा सका है। इस लंबित प्रक्रिया को लेकर समुदाय के लोगों में लगातार नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से इस मुद्दे को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। इसी के विरोध में अब जन आंदोलन का स्वर तेज किया जा रहा है।
पूरे विकासखंड से जुटेंगे लोग
पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर ने बताया कि रैली में पूरे विकासखंड से बड़ी संख्या में लोग भाग लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और अब केंद्रीय सूची में शामिल किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
व्यापारियों का भी मिला समर्थन
रैली को स्थानीय व्यापारियों का भी समर्थन मिला है। व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी ने जानकारी दी कि शुक्रवार को रैली के समर्थन में ज्योतिर्मठ बाजार के सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठान दोपहर एक बजे तक बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह बंद शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और समुदाय की मांगों के समर्थन में व्यापारियों ने एकजुटता दिखाई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
रैली में बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
पैनखंडा समुदाय का कहना है कि केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल होने से युवाओं को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण सहित कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।



