एट थाना क्षेत्र के पिंडारी गांव में चोरों ने एक किसान के घर को निशाना बनाते हुए करीब 80 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। घटना उस समय हुई, जब गृहस्वामी प्रयागराज में माघ मेले में गए हुए थे। सोमवार को जब वह वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और कमरों में सामान बिखरा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्रित किए।
पीड़ित किसान गजेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वह 13 जनवरी को माघ मेला प्रयागराज गए थे। उस समय पत्नी रजनी देवी और पुत्र हेमेंद्र को उरई छोड़कर गए थे, जबकि पिंडारी स्थित घर पूरी तरह बंद था। 20 जनवरी को जब वह प्रयागराज से वापस लौटे तो मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ मिला। घर के सभी कमरों के दरवाजे खुले थे, बरामदे और कमरों में सामान फैला हुआ था तथा अलमारी और तिजोरी के ताले टूटे हुए थे।
गजेंद्र सिंह के अनुसार चोर अलमारी से उनकी पत्नी के लगभग 30 तोले सोने के जेवरात और बहू अनुराधा के करीब 28 तोले सोने के आभूषण ले गए। इसके अलावा करीब तीन किलो चांदी के जेवर भी चोरी हुए हैं। चोरी गए आभूषणों में पत्नी की आठ सोने की चूड़ियां, तीन हार, एक सीतारामी, जंजीर, हाथफूल, पांच अंगूठियां, झाले, करघनी, 20 जोड़ी चांदी की पायल-बिछिया और करीब 1500 चांदी के सिक्के शामिल हैं। वहीं बहू अनुराधा के छह सोने की चूड़ियां, सफेद सोने की जंजीर, दो अन्य जंजीरें, तीन हार, झुमकी, हाथफूल सहित पांच अंगूठियां, चांदी की करधनी और तोड़ियां भी चोर समेट ले गए। कुल मिलाकर चोरी गए जेवरात की कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।
घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना पुलिस गांव में नियमित गश्त नहीं करती, जिससे अराजक तत्व शाम होते ही गांव में घूमने लगते हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई कर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
इस संबंध में कोंच क्षेत्राधिकारी परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और अलग-अलग टीमें गठित कर जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी कर घटना का खुलासा किया जाएगा।



