रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के ठीक बाद सर्राफा और वायदा बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सोना और चांदी दोनों में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप की स्थिति बन गई। एमसीएक्स (MCX) और दिल्ली सर्राफा बाजार दोनों जगह कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई। वैश्विक संकेतों की कमजोरी, डॉलर में मजबूती और संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर बड़ा दबाव बनाया।
एमसीएक्स पर चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत एक ही कारोबारी सत्र में करीब 84,000 रुपये टूटकर लगभग 83,977 रुपये की गिरावट के साथ फिसल गई। यह गिरावट प्रतिशत के हिसाब से करीब 21% रही और भाव गिरकर लगभग 3,15,916 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए।
वहीं फरवरी डिलीवरी वाले सोने में भी जोरदार बिकवाली देखी गई। सोने का वायदा भाव करीब 15,246 रुपये (लगभग 9%) टूटकर 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
दिल्ली सर्राफा बाजार में भी कोहराम
राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव 20,000 रुपये टूटकर 3,84,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ने 19,500 रुपये की तेज छलांग लगाकर 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया था।
सोने की बात करें तो 99.9% शुद्धता वाला सोना 14,000 रुपये गिरकर 1,69,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एक दिन पहले ही सोना 12,000 रुपये उछलकर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी कमजोर
वैश्विक बाजार में भी चांदी पर दबाव देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर की कीमत करीब 12% (लगभग 14 डॉलर) गिरकर 101.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान यह करीब 17.5% टूटकर 95.26 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गई थी। अंतरराष्ट्रीय कमजोरी का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
गिरावट के पीछे ये हैं बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों ने सोना-चांदी में आई इस तेज गिरावट के पीछे कई प्रमुख वजहें बताई हैं:
1. आक्रामक मुनाफावसूली
कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार कई सत्रों की लगातार तेजी के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों ने अपनी लॉन्ग पोजीशन काटी।
HDFC Securities के कमोडिटी विश्लेषकों का कहना है कि रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद बाजार में स्वाभाविक मुनाफावसूली आई, जिसने गिरावट को तेज कर दिया।
2. अमेरिकी शटडाउन टलने का असर
Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च टीम के अनुसार अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन टलने से सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में बुलियन की मांग कमजोर हुई।
अमेरिकी राजनीतिक सहमति की खबरों, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का नाम भी चर्चा में रहा, ने जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ाई।
3. फेडरल रिजर्व और डॉलर में मजबूती
बाजार में यह भी चर्चा है कि अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
Federal Reserve के संभावित नेतृत्व और ब्याज दरों पर सख्त रुख की आशंका से डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आई है। डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर सोना-चांदी जैसी धातुओं पर दबाव बढ़ता है।
4. तकनीकी संकेत भी नकारात्मक
तकनीकी चार्ट के हिसाब से भी सोना और चांदी “ओवरबॉट जोन” में पहुंच चुके थे, जिससे करेक्शन की संभावना पहले से जताई जा रही थी। गिरावट आते ही स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए और बिकवाली और तेज हो गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज गिरावट के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अल्पकाल में अस्थिरता बढ़ेगी, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को नए स्तरों पर चरणबद्ध रणनीति के साथ ही प्रवेश करना चाहिए।



