प्रशासन किया गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण, संचालकों में मचा हड़कंप

कोटद्वार। रसोई गैस की किल्लत एवं इसकी कालाबाजारी की शिकायतों पर प्रशासन की टीम ने गैस एजेंसियों में आकस्मिक छापेमारी की। जिससे गैस एजेंसी संचालकों में हड़कम्प मच गया। इस दौरान लालपानी स्थित गैस एजेंसी में सिलेंडरों में गैस कम मिलने पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बतातें चलें कि तहसील कोटद्वार क्षेत्रान्तर्गत कई लोगों द्वारा घरेलू गैस सिलेण्डरों में गैस कम होने की शिकायत की जा रही थी। विगत 25 मई को उपजिलाधिकारी
को दिये ज्ञापन में ग्राम नंदपुर मोटाढ़ाक निवासी राजे सिंह आर्य ने कहा कि भाबर स्थित एक गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर भरवाया था, लेकिन जब सिलेंडर का वजन कराया गया तो मापदंडों के अनुसार गैस सिलेंडर में दो किलो वजन कम निकला। उन्होंने इसमें धांधली की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने सिलेंडर की गाड़ियों में सिलेंडर तोलने के लिए कांटा लगाने व पूर्ति निरीक्षक को जांच करने के निर्देश जारी करने की मांग की थी। मंगलवार व बुधवार को उपजिलाधिकारी राकेश चंद्र तिवारी के निर्देश पर तहसीलदार सुनील कुमार राज, पूर्ति निरीक्षक करन क्षेत्री व बाट-माप निरीक्षक प्रदीप बिजल्वाण की संयुक्त टीम ने कोटद्वार तहसील क्षेत्रान्तर्गत गैस एजेन्सियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने लालपानी इण्डेन ग्रामीण वितरक, काशीरामपुर गैस सर्विस, सिद्धबली गैस सर्विस, कोटद्वार गैस सर्विस (जीएमवीएन), भाबर गैसे एजेंसी (जीएमवीएन), हिमगिरी गैस र्सिवस झण्डीचौड़ व पदमपुर गैस सर्विस का निरीक्षण किया। जिसमें लालपानी इण्डेन ग्रामीण गैस वितरक (आईओसी) डीलर को घरेलू गैस सिलेण्डर में गैस की शुद्ध मात्रा में कमी के लिए दोषी पाया गया। जिस पर विधिक मापन अधिनियम 2009 के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उपजिलाधिकारी राकेश चंद्र तिवारी ने यह भी साफ कर दिया है कि वेटिंग लिस्ट लंबी होने पर अब छुट्टी के दिन भी दुकान खोलकर सिलेंडरों की सप्लाई करनी होगी और त्योहार के समय किसी भी तरह से लोगों को सिलेंडर की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

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