देहरादून।
बेसिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना ने प्रदेशभर के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के सभी शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने सोमवार से दो दिवसीय कार्यबहिष्कार का ऐलान किया है। साथ ही आज से प्रदेशभर के शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
पांच घंटे चली बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
शिक्षा निदेशालय में सभी विभागीय संगठनों की लगभग पांच घंटे चली संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि दो दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो 25 फरवरी से अन्य विभागों के कर्मचारी भी कार्यबहिष्कार पर चले जाएंगे। बैठक में सभी 56 विभागों के कर्मचारी-अधिकारी संगठनों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
शिक्षकों ने जताई असुरक्षा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की शिक्षक भवन, रेसकोर्स में आयोजित बैठक में शिक्षा निदेशक पर हुए हमले की कड़ी निंदा की गई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि जब प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सामान्य शिक्षक और कर्मचारियों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
संगठन की प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य गोविंद बोरा और दिगम्बर सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
एसओपी जारी करने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शासकीय व्यवस्था की गरिमा के विपरीत हैं। यदि सरकार ने सख्त कदम नहीं उठाए तो भविष्य में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के साथ ऐसी घटना हो सकती है। संगठनों ने सरकार से कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग की है।
चार आरोपी हिरासत में, हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की जांच
नूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो के आधार पर पहचान कर चार लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है।
विधायक की मौजूदगी में हुआ विवाद
घटना शनिवार की बताई जा रही है, जब विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ एक स्कूल का नाम बदलवाने के मामले में शिक्षा निदेशक से मिलने निदेशालय पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और विधायक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया और शिक्षा निदेशालय परिसर से लेकर रायपुर थाने तक प्रदर्शन किया गया।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
रायपुर थाने में विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं विधायक पक्ष की शिकायत पर भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुर्सियां और सामान फेंकते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा एक व्यक्ति हिस्ट्रीशीटर कल्ली बताया जा रहा है।
पुलिस जांच जारी
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की भी गहन जांच जारी है।
घटना के बाद से शिक्षा विभाग में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और आगामी दिनों में आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



