देहरादून।
जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के पहले ही दिन प्रशासन की टीमों ने बिष्ट गांव और घंघोड़ा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए वन विभाग एवं अन्य विभागों की ढाई हेक्टेयर से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस दौरान अवैध निर्माण और कब्जों पर बुलडोजर चलाया गया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि शुक्रवार को एसडीएम कुमकुम जोशी के नेतृत्व में गठित टीम ने कई स्थानों पर संयुक्त कार्रवाई की। बिष्ट गांव में करीब 1.3700 हेक्टेयर वन विभाग की संरक्षित भूमि पर लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। संरक्षित वन भूमि होने के कारण इसे तत्काल कब्जा मुक्त कराया गया है और अब संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोग इस भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रहे थे।
प्रशासन की कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। बिष्ट गांव में ही जंगल-झाड़ी खाते में दर्ज लगभग 0.1700 हेक्टेयर भूमि तथा वन विभाग की 0.3700 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। अभियान के दौरान राजस्व विभाग, वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें मौके पर मौजूद रहीं।
प्रशासन को यह भी जानकारी मिली कि इन वन भूमि क्षेत्रों से सटी कुछ जमीनें अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की निजी भूमि हैं। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा इन निजी भूमियों पर अवैध प्लॉटिंग कर उन्हें बेचने की तैयारी की जा रही थी। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि प्लॉटिंग की जा रही भूमि तक किसी भी दिशा से कोई वैध आवागमन मार्ग उपलब्ध नहीं था। इसके चलते संबंधित व्यक्तियों ने वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का रास्ता बना दिया था।
जिला प्रशासन ने इस अवैध मार्ग को भी ध्वस्त कर दिया और वन भूमि को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में चिन्हित सभी अतिक्रमणों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी व वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



