देहरादून। राजधानी देहरादून में पालतू और निराश्रित कुत्तों से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। अब कुत्ता पालने वालों को नए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नगर निगम द्वारा तैयार की गई “नगर निगम देहरादून पालतू एवं निराश्रित श्वान उपविधि 2025” का गजट प्रकाशन हो चुका है और यह 14 मार्च 2026 से पूरे नगर निगम क्षेत्र में लागू कर दी जाएगी।
नगर निगम का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ती कुत्तों की संख्या और पालतू कुत्तों के हमलों की घटनाओं को देखते हुए यह सख्त नीति बनाई गई है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में जेल की कार्रवाई भी हो सकती है।
लंबी प्रक्रिया के बाद लागू हुई उपविधि
नगर निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग ने इस उपविधि को लागू करने से पहले आम लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद उपविधि को अंतिम रूप दिया गया।
इसके बाद 22 जनवरी को इसे गजट प्रकाशन के लिए रुड़की भेजा गया था। गजट प्रकाशन के बाद 13 फरवरी को इसकी आधिकारिक सूचना नगर निगम को प्राप्त हुई। अब इस उपविधि को 14 मार्च 2026 से पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
ये प्रमुख नियम होंगे लागू
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पिटबुल, रॉटविलर, अमेरिकन बुलडॉग जैसी विदेशी नस्ल के कुत्तों का तुरंत पंजीकरण या नसबंदी नहीं कराने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
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अन्य पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं कराने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
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बोर्डिंग कैनेल या निजी श्वान शेल्टर को एक महीने के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर 500 रुपये प्रतिमाह जुर्माना लगेगा।
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पेट शॉप द्वारा एक महीने के भीतर लाइसेंस नहीं लेने पर 300 रुपये प्रतिमाह जुर्माना लगाया जाएगा।
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ब्रिडिंग फार्म को एक महीने के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर 200 रुपये प्रतिमाह जुर्माना देना होगा।
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ब्रिडिंग फार्म को नगर निगम में पंजीकरण की तिथि से छह महीने के भीतर उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
पालतू कुत्ते को छोड़ने पर लगेगा 20 हजार का जुर्माना
नई उपविधि के तहत यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ देता है तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामले में संबंधित व्यक्ति पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि अब राजधानी में कुत्तों से संबंधित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करता है या लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ नई उपविधि के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम को उम्मीद है कि शहर में कुत्तों से जुड़े विवाद और हमलों की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।



