देहरादून: शहर की पॉश एटीएस कॉलोनी में रहने वाले लोगों को लंबे समय से कथित रूप से परेशान करने वाले बिल्डर के खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। आरोपी बिल्डर पुनीत मित्तल पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि सात दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उसके खिलाफ जिला बदर (बाहरीकरण) की कार्रवाई भी की जाएगी।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिल्डर पुनीत अग्रवाल लंबे समय से क्षेत्र में मनमानी और गुंडागर्दी कर रहा है। उस पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने, अवैध निर्माण कराने और स्थानीय लोगों के साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने के कई गंभीर आरोप हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई और हर बार मामूली धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को राहत मिलती रही।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हाल ही में आरोपी ने कॉलोनी में रहने वाले एक वैज्ञानिक दंपती के साथ मारपीट की, जिसमें पीड़ित के कान का पर्दा तक फट गया। इससे पहले कॉलोनी अध्यक्ष के साथ भी मारपीट की घटना सामने आ चुकी है। त्योहारों के दौरान बच्चों को धमकाने और उन्हें डराने की घटनाएं भी लगातार सामने आती रही हैं।
कॉलोनीवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डर अक्सर तेज रफ्तार में वाहन चलाकर बच्चों को डराता है और बिना किसी कारण गाली-गलौज कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। इन घटनाओं के कारण कॉलोनी में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासी ईश्वरी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आरोपी की कथित ऊंची पहुंच के चलते कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने वालों के खिलाफ उल्टा झूठे काउंटर केस दर्ज कराए जा रहे हैं।
इस मामले को लेकर कॉलोनीवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी बिल्डर के खिलाफ कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।



