देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कांग्रेसी सुभाष रोड स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार और पुलिस प्रशासन हालात पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। उनका कहना था कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गुंजन हत्याकांड, अर्जुन हत्याकांड और अब विक्रम शर्मा की हत्या ने देहरादून की शांति और सुकून पर गहरा आघात किया है। शहर के पॉश इलाकों में शुमार राजपुर रोड पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हुए गोलीकांड ने एक बार फिर राजधानी को दहला दिया। बीते 11 दिनों में दिनदहाड़े हुई यह तीसरी हत्या है, जिससे पूरे शहर में दहशत का माहौल है।
हत्याकांड की खबर जैसे ही आम लोगों तक पहुंची, हर किसी के मन में यही सवाल उठने लगा कि शांत और सुकून की वादियों में बसे देहरादून में आखिर हो क्या रहा है। सिलसिलेवार हो रही इन आपराधिक घटनाओं के बाद लोग यह पूछने को मजबूर हैं कि कभी शांत माने जाने वाले इस शहर में अपराधी इतने बेखौफ कैसे हो गए।
48 घंटे में दो हत्याओं के बाद SSP बदले
लगातार बढ़ते अपराधों और कानून व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। देहरादून में 48 घंटे के भीतर दो हत्याओं के बाद एसएसपी अजय सिंह को पद से हटा दिया गया है। उन्हें एसएसपी एसटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी जगह हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को देहरादून का नया एसएसपी बनाया गया है। वहीं, एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह को हरिद्वार का एसएसपी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा को एसपी अभिसूचना बनाया गया है। उनकी जगह चंपावत के एसपी अजय गणपति कुम्भार को ऊधमसिंह नगर भेजा गया है। चंपावत की कमान अब पिथौरागढ़ की एसपी रेखा यादव को सौंपी गई है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



