देहरादून में ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम: सीएम धामी बोले—देवभूमि में जिहादी मानसिकता नहीं पनपने देंगे, अवैध मदरसों पर सख्त कार्रवाई

देहरादून: उत्तराखंड में मदरसों को जिहादी मानसिकता पनपाने वाले अलगाववादी केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार ने बच्चों को गुमराह करने वाले अवैध मदरसों पर ताला लगाने का काम किया है और उन्हें ज्ञान व संस्कार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लगभग 401 करोड़ रुपये की लागत वाली 74 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे।

जनता के विश्वास से मिली सेवा का अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चार साल पहले प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों को तोड़ते हुए उन्हें दोबारा राज्य की सेवा का अवसर दिया था। उन्होंने याद दिलाया कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान इसी मैदान में उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा कि चार वर्षों के बाद यह कहा जा सकता है कि वह संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है। धामी ने बताया कि उत्तराखंड में पहली बार जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन हुआ और साथ ही राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया।

विपक्ष और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य आज दोगुनी गति से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान खनन माफिया खुलेआम प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ करते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कई घोटाले सामने आए थे, जिनमें पटवारी भर्ती घोटाला, दरोगा भर्ती घोटाला, छात्रवृत्ति घपला, एनएच-74 घोटाला और वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान राहत सामग्री में अनियमितताएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह अफवाह और भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

सरकार की उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत वृद्धि हुई है और प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। साथ ही स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1750 तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं से दो लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। वहीं, राज्य में रिवर्स पलायन में भी 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

देहरादून को आधुनिक शहर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। वर्तमान में शहर में लगभग 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थीं, जबकि अब विकास योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं।

युवाओं को रोजगार और नकल माफिया पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में छोटी मछली हो या बड़ा मगरमच्छ, किसी को भी बख्शा नहीं जा रहा है।

मदरसों में मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम होगा अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि देवभूमि में किसी भी प्रकार की जिहादी या अलगाववादी सोच को पनपने नहीं दिया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य की सांस्कृतिक पहचान और जनसांख्यिकीय संतुलन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। साथ ही सरकार ने कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जुलाई से उत्तराखंड के सभी मदरसों में केवल सरकारी बोर्ड से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा, ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा और सही दिशा मिल सके।

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